एमसीबी : देश नवरात्रि के
मौके पर शक्ति की पूजा कर रहा है. लोग देवी मां की आराधना में जुटे हुए है और इस
बीच छत्तीसगढ़ के घोर वनांचल क्षेत्र एमसीबी जिले के भगवानपुर गांव में लोग चांग
देवी की भक्ति में डूबे हुए हैं.
भगवानपुर में देवी मां की इन दिनों खूब आराधना की जा
रही है पूरे दिन लोग यहां चांग माता की आराधना में रमे हुए हैं. भक्ति गीतों से मां
की पूजा पाठ की जा रही है. चांद देवी मंदिर को भव्य तरीके से सजाया भी गया है लोग
वाद्य यंत्रों से माता को खुश करने के लिए जुटे हुए हैं यहां देर शाम और हर सुबह
माता रानी की आरती उतारी जा रही है यहां की आरती बड़ा ही भव्य और आकर्षक है.
भगवानपुर गांव का यह मंदिर मध्य प्रदेश से लगा हुआ है तो मध्य प्रदेश से भी भक्त
यहां हर रोज पहुंच रहे हैं.
माता के दर में हर मन्नत होती है
पूरी
मान्यता है कि माता रानी के दरबार में पहुंचकर जो भी
मन्नत मांगी जाती है वह पूरी होती है. भक्त यहां तक कहते हैं कि शायद ही ऐसा कोई
व्यक्ति होगा जिसकी मन्नत पूरी न हुई हो. यही वजह है कि यहां नवरात्र के दिनों में
भक्तों का रेला लगा रहता है.
राजा की कड़ी तपस्या से प्रकट हुई
थी देवी
भगवानपुर गांव में स्थित मां चांग देवी चांद भखार
राजाओं के रियासत की कुलदेवी हैं. रियासत के राजा मानसिंह ने चांद माता की देवी की
प्रतिमा स्थापित की थी. चांद भखार रियासत के राजा ने एक बार कड़ी तपस्या की थी तब
देवी मां उनके सामने प्रकट हुईं थी. देवी मां ने ही कहा था कि उनका नाम चांग देवी
रखा जाए.
प्राचीन काल से देवी मां चांग माता के रूप में
प्रसिद्ध हैं. चांगभखार रियासत के राजा बालंद को चांग देवी का वरदान प्राप्त था, जिससे चौहान वंश के राजा उन्हें युद्ध में नहीं हरा सके. बता दें कि मंदिर
में हर दिन भैयाबहादुर सिंह द्वारा रचित (मां करु दुर्गे तोरी आरती हो मां) आरती
गाई जाती है, जो चांग भखार की भाषा शैली में है.