प्रतापगढ़। यूपी एसटीएफ की प्रयागराज इकाई ने 4 जून 2022 को लूट, डकैती व भाड़े पर हत्या करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य अंकित खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। अंकित खंडेलवाल प्रतापगढ़ का रहने वाला है।
उसके खिलाफ अमेठी जिले के मुंशीगंज थाने में मुअसं 272/2020 धारा-2/3(1) गैंगेस्टर एक्ट में केस दर्ज है। अमेठी जिले से उसके ऊपर 50,000 रुपये का पुरस्कार घोषित है। एसटीएफ की टीम ने अंकित खण्डेलवाल को अवैध तमन्चा, कारतूस के साथ जनपद जौनपुर से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ की प्रयागराज इकाई के पुलिस उपाधीक्षक नवेन्दु कुमार ने बताया कि एसटीएफ की फील्ड इकाई की एक टीम जनपद जौनपुर के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राज्य मार्ग संख्या-731, थाना क्षेत्र बक्शा में अभिसूचना संकलन कर रही थी। इस दौरान मुखबिर के माध्यम से ज्ञात हुआ कि एक व्यक्ति बक्शा रेलवे स्टेशन से मुख्य मार्ग की तरफ आ रहा है, जिसके पास कोई संदिग्ध वस्तु है।
इस सूचना पर विष्वास करके उप निरीक्षक वेद प्रकाश पाण्डेय, मुख्य आरक्षी चन्दन भारती, आरक्षी पंकज तिवारी, रोहित सिंह, अजय सिंह यादव व आरक्षी चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय की टीम ने उसेे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके मोबाइल में मुम्बई से जौनपुर का टिकट भी पाया गया।
पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा बताया कि उसका तथा उसके साथी सतीश सिंह, निवासी ग्राम मडियाहू, जौनपुर व तपन दत्त मिश्रा, निवासी दहिलामऊ, कोतवाली नगर, प्रतापगढ़ आदि का भाड़े पर हत्या, लूट व डकैती जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने का एक सक्रिय गिरोह है।
हम लोगों द्वारा वर्ष 2019 व 2020 में थाना क्षेत्र मुंशीगंज, जनपद अमेठी में अपने उपरोक्त साथियों के साथ मिलकर लूट व डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके क्रम में थाना मुंशीगंज, जनपद अमेठी द्वारा लूट व डकैती की घटना का अभियोग दर्ज कर मेरे गिरोह के सक्रिय सदस्य सतीश सिंह, तपन दत्त मिश्रा, विनोद यादव तथा मेरे विरूद्ध मुअसं-272/2020 धारा-2/3(1) गैगेंस्टर एक्ट की कार्यवाही की गयी।
इस केस मेंं मेरे साथी सतीश सिंह और तपन दत्त मिश्रा वर्तमान में जौनपुर जेल में बन्द है। मेरे ऊपर अमेठी पुलिस द्वारा 50 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया था, जिससे मैं मुम्बई भाग गया था। मैं मुम्बई से जौनपुर गोदान एक्सप्रेस से आया तथा जेल में सतीश सिंह और तपन से मिलना था।
मैं दिन के समय में जौनपुर शहर में नहीं जाना चाहता था इस लिए दिन के समय में जौनपुर स्टशन पर ही रूका रहा। इस लिए समय व्यतीत करने के लिए एक पैसेन्जर ट्रेन पकड़कर बक्शा चला आया, शाम होने पर जौनपुर के लिए चला। जौनपुर में होटल में किराये का कमरा लेकर रात्रि विश्राम करने के बाद 5 जून 2022 को जेल में बन्द अपने साथी सतीष सिंह और तपन दत्त मिश्रा से मुलाकात कर वापस चला जाता। अपनी सुरक्षा के लिए मैं हमेशा पिस्टल अथवा तमन्चा व कारतूस अपने पास रखता हूं।