भोपाल : विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को
प्रश्नकाल के दौरान भोज विश्वविद्यालय में अवैध नियुक्तियां का मामला उठाया गया।
कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा ने इसे उठाते हुए कहा भोज विश्वविद्यालय में 2013-14 में नियम के विरुद्ध कई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। दूसरी तरफ
भाजपा विधायक ठाकुर दास नागवंशी ने सदन में सरकारी कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारियों से विद्यार्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन कराने के आरोप लगाया है।
मंत्री परमार ने स्वीकारी नियम
विरुद्ध नियुक्तियां
मोज विश्वविद्यालय मामले में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर
सिंह परमार ने जवाब दिया कि मामले पर सरकार ने संज्ञान लिया है। ये सही है कि नियम
विरुद्ध नियुक्तियां हुई है, सत्कारण इन
नियुक्तियों को निरस्त करने के आदेश दिए गए थे। कुछ कर्मचारी कोर्ट गाए थे कोर्ट
का स्टे लगा है, इसलिए उन्हें अभी हटाया नहीं गया है। बाकी
मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। इस पर कांवोस विधायक नारायण सिंह
पट्टा बोले कि कुछ ही कर्मचारी कोर्ट गए थे। मंत्री परमार का जबाव था पूरे मामले
की जांच कराई जाएगी।
प्रभारी प्राचार्य को हटाने की
घोषणा
पिपरिया के शासकीय शहीद भगत सिंह पीजी कॉलेज में
विद्यार्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन चतुर्थ श्रेणी के कर्मवारों द्वारा किया
गया था। जिस पर भाजपा विधायक ठाकुर दास नागवंशों ने ये मामाना बजट सेशन में उठाया
है। उनका कहना है कि प्रमप्री प्राचार्य ने वतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से कॉपी जंचवाई
है। विधायक की मांग पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रभारी
प्राचार्य की वहा से हटा दिया जाएगा।