रायपुर : छत्तीसगढ़ जीएसटी वसूली में देश में नंबर आने के सरकार के
दावे पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज
ने कहा है कि विष्णुदेव साय सरकार कर वसूली के मामले में अंग्रेजों से भी बेरहम
है। जन विरोधी भाजपा सरकारों का एक सूत्रीय नारा है की दैनिक उपभोग की वस्तुएं
महंगी कर दो ज्यादा कीमत अर्थात उस पर ज्यादा टैक्स और सरकार को ज्यादा आमदनी। एक
तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद बेरोजगारी बढ़ी है आमदनी घटी है,
आम जनता की क्रश क्षमता घटी है, ऐसे में
जीएसटी कलेक्शन में 18 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि इस बात का
प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आम जनता से बेरहमी से कर वसूल रही है।
सरकार ने टैक्स वसूली के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया, फाईन अर्थदंड ज्यादा वसूला, जबरिया छापेमारी कर
व्यापारियों से भयादोहन किया गया। इसी से राज्य का जीएसटी कलेक्शन बढ़ गया। जिस बात
के लिए भाजपा की सरकार को आम जनता से माफी मांगनी चाहिए उसे उपलब्धि बता कर अपनी
पीठ थपथपा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि ओपी चौधरी के वित्त
मंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ के व्यवसायी भय और आतंक के माहौल में व्यवसाय करने
मजबूर हैं। प्रदेश के राजस्व संग्रहण में प्रमुख योगदान देने वाले आम व्यापारीयों
से साय सरकार चोर और डकैतों के समान व्यवहार कर रही है। केवल जीएसटी से इस लोभी
सरकार का पेट नहीं भर रहा है, व्यापारियों के परिसर में
अनावश्यक छापे डाले जा रहे हैं, अनुचित ब्याज और पेनाल्टी
जबरिया वसूला जा रहा है, व्यापारियों के बीच भय का माहौल
व्याप्त है। जीएसटी की इतनी बर्बतापूर्वक कार्यवाहियां पूरे देश में कहीं नहीं हो
रही है, जितना बीजेपी सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ में हो
रही है। व्यापारियों के खिलाफ प्रशासनिक आतंक, दमन और
अत्याचार के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर आ गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि साय सरकार की गलत
औद्योगिक नीतियों के चलते प्रदेश में नए उद्योग तो लग नहीं पा रहे हैं बल्कि पूर्व
से संचालित उद्योग भी लगातार बंद हो रहे हैं। घटते उत्पादन क्षमता के बावजूद
जीएसटी संग्रहण में ऐतिहासिक वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि साय सरकार अत्यधिक
टैक्स, अनुचित ब्याज और पेनाल्टी वसूल कर बचे खुचे उद्योग और
व्यवसाय का भी कमर तोड़ रही है। भाजपा की सरकार आने के बाद उद्योगों को दी जाने
वाली बिजली के दाम चार-चार बार बढ़ाए गए जिसके चलते बड़ी संख्या में स्पंज आयरन,
रोलिंग मिल, राइस मिल सहित कृषि और वन आधारित
उद्योग बंद हुए हैं, बड़ी संख्या में रोजगार घटे हैं, घरेलू बचत कम हुआ है, क्रय क्षमता घटी है उसके
बावजूद आमजनता से जीएसटी की अधिक वसूली भाजपा सरकार के जन विरोधी चरित्र का प्रमाण
है।