June 05, 2022


बेटियों का निडर होकर बोलना ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सबसे बड़ी सफलता : स्मृति ईरानी

रायपुर। केन्द्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी 4 जून 2022 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची। यहां उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश को न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य में पैदा होने वाले बच्चों की भी चिंता है। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 2.5 करोड़ महिलाओं को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई गई है, ताकि माताएं गर्भावस्था के दौरान जांच के लिए अस्पताल जा सकें और टीकाकरण करा सकें।

बैठक में उपस्थित महिला सहभागी सुश्री बबीता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब देश और समाज ने अपनी संस्कृति के कारण महिलाओं के मासिक धर्म पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की, तो उनके गांवों और उनके समाज में बबीता जैसी स्वयंसेवी महिलाएं थीं। माहवारी पर खुलकर चर्चा कर समाज को जागरूक कर रहे हैं। बेटियों के लिए निडर होकर बोलना हमारी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

उन्होंने कहा कि आप सभी को यह जानकर आश्चर्य होगा कि वर्ष 1970 से 2018 तक आंगनबाडी केंद्रों में पोषण की जांच के लिए कोई उपकरण उपलब्ध नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में न केवल पोषण अभियान की शुरुआत की बल्कि सभी आंगनवाडिय़ों में सभी माताओं और बच्चों के लिए पोषण संबंधी जानकारी संकलित करने के लिए मोबाइल और निगरानी उपकरण भी प्रदान कराया है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि वर्ष 2018 से अब तक देश भर के 14 लाख आंगनबाडी केंद्रों के माध्यम से करीब एक करोड़ 80 लाख बच्चों का डाटा ट्रैक किया जा चुका है। पोषण को जन आंदोलन बनाने के लिए आंगनबाडी दीदी, सभी केंद्र और राज्य के संगठनों का तहे दिल से धन्यवाद।


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