नई दिल्ली। जिंदल स्टील एंड पावर ने रेल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में अपने इस्पात संयंत्र में देश की पहली रेल पहिया निर्माण कारखाना स्थापित करेगी। राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक इस महत्वाकांक्षी योजना को क्रियान्वित करने के लिए कंपनी ने जीआईएफएलओ-हंगरी के साथ एक समझौता किया है।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जीआईएफएलओ-हंगरी और जिंदल स्टील के बीच इस तकनीकी समझौते पर शुक्रवार 27 मई 2022 को नई दिल्ली में हंगरी के दूतावास और फिक्की के तत्वावधान में संयुक्त रूप से आयोजित इंडिया-हंगरी बिजनेस फोरम में हस्ताक्षर किए गए।
जिंदल स्टील भारतीय रेलवे के लिए विभिन्न कैटेगरी के ट्रैक की आपूर्ति कर रही है। कंपनी देश में विभिन्न मेट्रो परियोजनाओं के लिए हेड हार्डन रेल भी विकसित कर रही है। रेल अवसंरचना विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए, जिंदल स्टील असममित रेल के लिए रेल फोर्जिंग यूनिट भी स्थापित कर रहा है, जिसका उपयोग रेल पटरियों को बदलने के लिए किया जाएगा, विशेष रूप से हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए।
जिंदल स्टील एंड पावर के प्रबंध निदेशक वी.आर. शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रेल व्हील प्लांट भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण को गति देगा और विश्व स्तरीय गुणवत्ता वाले पहियों की उपलब्धता के साथ, हम भारत सरकार के दूरदर्शी गतिशक्ति अभियान को साकार करने में एक महत्वपूर्ण भागीदार साबित होंगे।