बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में महानदी के किनारे मिले बालक के शव की
शिनाख्ति हो गई है। पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। दरअसल, सौतेली मां ने ही नाबालिग की हत्या करवाई है।
उल्लेखनीय
है कि, 1 अप्रैल
को महानदी किनारे एक नाबालिग का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का
खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी। पुलिस ने तीन संदेहियों
गोविंदा कोसले, मोगरा धृतलहरे और मीना धृतलहरे को
हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर पता चला कि, मृतक की सौतेली
मां ने ही उसे मारने की सुपारी दी थी।
सौतेली मां और चाची ने रची साजिश
अपचारी
बालकों ने बताया कि, मृतक की सौतेली मां मोंहरा धृतलहरे और सगी चाची मीना धृतलहरे ने उसे मारने
के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। उन्होंने गोविंदा
कोसले को बालक की फोटो व्हाट्सएप में भेजी थी। गोविंदा ने हत्या के लिए तीन नाबालिगों
को योजना में शामिल किया।
बेल्ट से गला घोंटकर वारदात को दिया अंजाम
इसके बाद
आरोपियों ने 30 मार्च की रात बालक को नहाने के बहाने मोटरसाइकिल में बैठाकर महानदी के
किनारे ले गए। फिर उन्होंने बेल्ट से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव
रेत में छिपाकर सभी फरार हो गए। हत्या का मुख्य कारण परिवार में आपसी कलह, सौतेले बेटे के लिए ताने और अवैध संबंधों का संदेह बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से
3 स्मार्टफोन और एक की पैड सहित 50 हजार
रुपये बरामद किया गया है।