रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन किराए
के भवनों में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केंद्र के साथ-साथ
दिव्यांगजनों के लिए पदों के चिन्हांकन का मामला गूंजा. संबंधित मंत्रियों ने
सवालों का जवाब दिया.
विधायक दिलीप लहरिया ने सवाल किया कि जिला बिजापुर
में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कितने केंद्र संचालित है, और कितने किराए के माध्यम से चलाते है? भवन कब तक बन
जाएगा? किस-किस मद से पैसे दिए जाते है? मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि 482 ऐसे स्थान हैं,
जो भवन विहीन है. राशन दुकान चलाने वाले भवन का किराया देते हैं.
इस पर विधायक ने सवाल किया कि जो समूह चलाते हैं, उसे कितने किराए में दिया जाता है? और जो खाली हैं
कब तक बन जायेंगे? मंत्री ने बताया कि भवन बनाने के लिए
रोजगार गारंटी और अलग-अलग मद से राशि ली जाती है, और भवन
बनाया जाता है.
इसके साथ सदन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत
पदों के चिन्हांकन का मामला गूंजा. भाजपा विधायक प्रबोध मिंज के सवाल पर महिला बाल
विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि 21 प्रकार के
दिव्यांगजन के लिए पद चिन्हांकित होगा.
प्रबोध मिंज ने 2016 के बाद 9
साल होने के बाद भी पद चिन्हांकन नहीं होने पर आपत्ति जताई. मंत्री
ने इस पर कहा कि किसी भी प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगता है. आधे से अधिक
विभागों से जानकारी आ चुकी है. जल्द से सभी विभागों से जानकारी प्राप्त होने पर
कार्य पूर्ण किया जाएगा.