Wednesday, January 22, 2020
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लोकवाणी : जल्द नियमित होंगे सात हजार शिक्षाकर्मी, 15 हजार व्याख्याताओं की भर्ती पूर्णता की ओर

रायपुर| मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की छठवीं कड़ी में छत्तीसगढ़वासियों को नववर्ष 2020 की बधाई देते हुए कहा कि आपकी शुभकामनाएं और सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा तो निश्चित तौर पर आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल देंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सरकार का एक साल पूर्ण होते ही हमारी नई पहल और योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर बागबाहरा से नीरज तिवारी, मरवाही से प्रकाश कुमार, सरायपाली से रश्मि पटेल, महासमुंद से देवराज पाणिग्रही, वैशाली रिखी, रायगढ़ से सूरज प्रधान, मुकेश निर्मलकर, कुसुम देवांगन, जांजगीर से योगेश बनर्जी, खरसिया से संजय राठौर, भरत लाल गुप्ता, मुंगेली से मुकेश कुमार बंजारे, रायगढ़ से ज्योति राज पाण्डा, रायगढ़ से लिंगराज चौधरी, पुसउ, कमलेश कुमार साहू, महासमुंद से धीरज तिवारी, राजिम से लखेन्द्रदत्त साहू सहित कई साथियों पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जिन शिक्षाकर्मियों का 8 वर्ष पूरा हो रहा है, उनका नियमितीकरण आदेश क्रमशः निकाला जा रहा है। ऐसे लगभग 7 हजार शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण का आदेश इस माह निकाल दिया जाएगा। शिक्षामितान या अतिथि शिक्षकों के 1885 पद स्वीकृत किए गये हैं। अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का अधिकार स्थानीय स्तर पर दिया गया है। लगभग 15 हजार व्याख्याताओं की भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है अभी सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जब से हमारी सरकार बनी है तबसे लगातार कोई न कोई चुनाव और आचार संहिता के कारण लंबी प्रक्रिया वाले कार्य पूर्ण होने में दिक्कत हुई लेकिन अब ऐसी सभी कार्यों में तेजी आएगी। आदिवासी अंचलों में कनिष्ठ चयन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है ताकि इन अंचलों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर शासकीय सेवा में लिया जा सके। विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में युवाओं को सीधी भर्ती का लाभ दिया जा रहा है। हम सिर्फ सरकारी दफतरों में ही नहीं बल्कि नई उद्योग नीति के माध्यम से उद्योगों में, आर्थिक राहतों के माध्यम से व्यापार में भी युवाओं को नए-नए अवसर दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमनें प्रदेश में उच्च शिक्षा को रूचिकर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कदम उठाए हैं। बरसों से लंबित सहायक प्राध्यापकों की भर्ती शुरू की है जिससे लगभग 1400 युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। बालोद में कन्या महाविद्यालय, दंतेवाड़ा, कोंडगांव, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, महासमुंद और कोरबा में मॉडल डिग्री कॉलेज, ग्राम मर्रा जिला दुर्ग और ग्राम साजा जिला बेमेतरा में कृषि महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। 14 नये फॉर्मेसी कॉलेज खोले गए हैं। ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में देश का पहला ‘‘डाटा साइंस तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पाठ्क्रम’’ शुरू किया गया है। उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण के लिए छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण का गठन किया जा रहा है। हमनें सीएसआर का पैसा, युवा प्रतिभाओं को निखारने में लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत् उद्योगों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे संस्थाओं का विकास करें, कोच का इंतजाम करे साथ ही स्टेडियम की व्यवस्था में भी सहयोग करें।

छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन: फूड-प्रोसेसिंग यूनिट को प्रोत्साहन :- महिलाओं का सम्मान हो या संस्कृति का उत्थान, हर मोर्चे पर विकास के छत्तीसगढ़ी मॉडल का रंग चढ़ा है। बीता एक साल तत्कालिक रूप से राहत देने के बड़े-बड़े कामों के लिए याद किया जायेगा तो नए साल में हम राज्य को अनेक बड़ी स्थायी योजनाएं और अधोसंरचना देने जा रहे हैं जिसके लिए एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता के विकास के लिए समन्वित प्रयास करने हेतु हमने छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन किया है तो सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए भी ठोस पहल की जा रही है। औद्योगिक विकास के लिए हमारा पैमाना अलग है। हम चाहते हैं कि अपने संसाधनों और उपजों का वैल्यू-एडिशन हो। इसके लिए नई उद्योग नीति में फूड-प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देने जैसे प्रावधान हैं ताकि बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर प्राप्त हों। हमारा उद्देश्य जीडीपी के आंकड़ों में विकास का ग्राफ बनाना नहीं बल्कि मानव विकास और इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सेवा की व्यवस्था करना है। मेरा मानना है कि एक साल में जो ठोस बुनियाद रखी गई है उस पर हम समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाएंगे।