Friday, December 13, 2019
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अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन राजधानी रायपुर में 20 सितम्बर से

०० छत्तीसगढ़ के कृषि व वन उपज तथा हैंण्डलूमकोसा उत्पादों के प्रोत्साहन और बिक्री को मिलेगा बढ़ावा

०० सोलह देशों सहित देश भर के क्रेता होंगे शामिल

रायपुर| राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ के कृषि उपजवनोपजहैण्डलूम कोसा इत्यादि उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन एवं विक्रय को बढ़ावा देने के लिए 20 सितंबर से 22 सितंबर तक अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेताओं का सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 20 सितम्बर को इस अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे।
कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा जल संसाधन मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे ने इस संबंध में आज यहां नवीन विश्राम गृह रायपुर में मीडिया से रू-ब-रू होते हुए बताया कि इस सम्मेलन में 16 देशों के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लगभग 60 क्रेता एवं देश के अन्य प्रदेशों से लगभग 60 क्रेताओं तथा प्रदेश से लगभग 120 विक्रेताओं के भाग लेने की संभावना है। छत्तसीगढ़ में उपलब्ध विशेष गुणों से भरपूर फसलों अनाज, दलहन, तिलहन, वनोपज, साग सब्जी तथा हैण्डलूूम, कोसा, सिल्क इत्यादि उत्पादों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य कृषि उपज मंडी द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायपुर में आयोजित सम्मेलन के दौरान 20 और 21 सितम्बर को आमंत्रित क्रेता एवं विक्रेता के बीच चर्चा, अनुबंध, एमओयू इत्यादि संपन्न होंगे। सम्मेलन में 22 सितम्बर को आम जनता के लिए प्रदर्शन के अवलोकन तथा क्रय विक्रय के लिए खुले रहेगें। यह सम्मेलन राजधानी रायपुर जी.ई.रोड स्थित होटल सयाजी में आयोजित होगा। कृषि मंत्री श्री चौबे ने बताया कि उक्त सम्मेलन में व्यापार तथा क्रियाशीलताछत्तीसगढ़ के उत्पाद की ब्रांडिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाया जाएगा। इस सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानोंबुनकर एवं वनोपज संग्रहण से जुड़े क्रेता-विक्रेता के साथ विस्तृत चर्चा होगी तथा स्वसहायता समूह तथा एफ.पी.ओ. द्वारा अपने उत्पाद का प्रदर्शन के साथ-साथ विक्रय किया जाएगा। इस सम्मेलन में स्थानीय कृषकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय क्रेताओं से सीधे बातचीत कर व्यापार करने का अवसर प्राप्त होगाजिसके फलस्वरुप उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा एवं बिचौलियों से बचा जा सकेगा। कृषि मंत्री श्री चौबे ने बताया कि राज्य के विभिन्न कृषि उत्पादों ने भी अपनी विशिष्ट पहचान बनायी हैजिसमें मुख्य रूप से धानलाल चावलकाला चावलआर्गेनिक विष्णुभोग चांवलअन्य सुगंधित धान की पारंपरिक किस्में व कोदोकुटकीरागीजैसे पारंपरिक एवं बहूमूल्य कृषि उत्पाद तथा मक्कामखानाचनालाल मसूरसोयाबीनरामतिलतिलफल-सब्जी जैसे  फूलगोभीपत्तागोभीबैगनहरा मटरशिमला मिर्चटमाटरगवारफल्लीमूलीअदरकहरी मिर्चहल्दीपपीतासीताफललिचीड्रैगनफु्रटआंवलाकटहलकेलानासपत्तीएप्पल बेरबेलकाजूनींबूगेंदा तथा ग्लेडिलस का उत्पादनकिया जा रहा है। इस क्षेत्र में विपणनप्रसंस्करण तथा निर्यात की सम्भावनाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी तरह वनांचल क्षेत्र में वृहद मात्रा में विभिन्न वनोपज का संग्रहण कर विक्रय की जाती है। विगत कुछ वर्षों से राज्य शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज संघ द्वारा वनोपज क्रयण किया जा रहा है। वनोपज के अंतर्गत मुख्य रूप से महुआमहुआ बीजइमलीसाल बीजऔषधीय पौधे जैसे कालमेघबेहड़ाहर्राचारगुठलीगोंदलाखनागरमोथाशहदत्रिफलाअश्वगंधासफेद मूसली आदि का संग्रहण एवं विक्रय किया जा रहा है। कृषि मंत्री श्री चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों जैसे वनखनिज संपदाजलसंसाधनकृषि संपदा आदि से परिपूर्ण है। राज्य को तीन कृषि जलवायु क्षेत्रों यथा छत्तीगसढ़ का मैदानी भागबस्तर का पठार एवं उत्तर का पहाड़ी क्षेत्र में बांटा गया है। उक्त तीनों क्षेत्रों में जलवायु एवं प्राकृतिक संपदा अलग-अलग होने के कारण जैव विविधता प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है तथा राज्य में विविध प्रकार के कृषि एवं उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जाता है। राज्य में कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र है। उक्त क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के वनोपज तथा औषधीय व सुंगधित पौधे का व्यापक उत्पादन होता है। छ.ग. राज्य धान के कटोरा के नाम से प्रसिद्ध है तथा राज्य में धान के धान के विभिन्न गुणों वाले लगभग 23000 किस्मों का जर्मप्लास्म संरक्षित है। राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के पांच जिलों दंतेवाड़ाबस्तरनारायणपुरबीजापुरएवं गरियाबंद को पूर्ण जैविक तथा 22 जिलों के एक एक विकासखण्ड को जैविक विकासखण्ड घोषित किया गया है। इससे निश्चित रूप से वनांचल क्षेत्र में जैविक खेती को बढावा मिलेगा एवं कृषक उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती मनिंदर कौर द्विवेदीसचिव कृषि श्री हेमंत पहारेसंयुक्त सचिव मुख्यमंत्री और संचालक कृषि श्री टामन सिंह सोनवानीविशेष सचिव कृषि श्री मुकेश बंसल और छत्तीसगढ़ राज्य कृषि उपज मंडी के प्रबंध संचालक श्री अभिनव अग्रवाल उपस्थित थे।