रायपुर : आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुशासन की पहली कसौटी है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 कम समय में ही प्रदेशवासियों के लिए भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। राशन, पेंशन, बिजली, आवास, पेयजल और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अब लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। नागरिक घर बैठे 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आज नवा
रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076
के कार्यालय पहुंचकर इसके कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह
बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन
में प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं
से लिए जा रहे फीडबैक तथा विभागवार और जिलेवार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से जिलों में शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभिन्न
जिलों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं बातचीत कर जाना कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत
दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। नागरिकों ने मुख्यमंत्री से
सीधे संवाद में अपने अनुभव साझा किए और शिकायतों के निराकरण पर संतुष्टि व्यक्त
की।
2.31
लाख शिकायतें दर्ज, 88.85 प्रतिशत का हो चुका
निराकरण
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9
जून से 15 अक्टूबर 2026 तक
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2 लाख 31
हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2
लाख 5 हजार 996 शिकायतों
का निराकरण किया जा चुका है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों
में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। हेल्पलाइन
पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें
प्राप्त हो रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने हेल्पलाइन
के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों
का निराकरण अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पिछली
समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर भी अच्छा कार्य हुआ है। इस व्यवस्था को निरंतर
बेहतर बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक
सीमित न रहे, बल्कि नागरिक को वास्तविक
रूप से राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत का
गुणवत्तापूर्ण निराकरण सबसे महत्वपूर्ण है। शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित
किया जाए कि संबंधित नागरिक की समस्या वास्तव में दूर हुई है। नागरिकों से मिलने
वाला फीडबैक ही इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता का आधार होना चाहिए।
एक
शिकायत से 80 से
अधिक परिवारों को मिली राहत, बदला गया खराब ट्रांसफॉर्मर
मुख्यमंत्री श्री साय ने समीक्षा के
दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के शिकायतकर्ता श्री दमन साहू से सीधे
बातचीत की। श्री साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब
होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे गांव के लगभग 80
से 85 परिवार प्रभावित थे। स्थानीय स्तर पर
समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के लगभग एक सप्ताह
के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। श्री साहू ने
मुख्यमंत्री को बताया कि अब गांव में बिजली व्यवस्था सामान्य है और ग्रामीणों को
बड़ी राहत मिली है। उन्होंने त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री और शासन के प्रति
आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित
अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली,
पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सीधे आम नागरिक के
दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक शिकायत का संवेदनशीलता से समाधान कई परिवारों के जीवन में राहत
ला सकता है।
सीएम
हेल्पलाइन में शिकायत के दस दिनों के भीतर मिली पीएम आवास की लंबित किस्त
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी
श्री वीरेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री आवास
योजना के अंतर्गत उनके आवास निर्माण की दूसरी किस्त मिलने में विलंब हो रहा था।
राशि नहीं मिलने से आवास निर्माण का काम भी प्रभावित हो रहा था।
उन्होंने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन
1076 पर दर्ज कराई। शिकायत के लगभग दस
दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में आवास की दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो गई। श्री यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी
खुशी साझा करते हुए बताया कि राशि मिलने से अब वे अपने आवास का निर्माण आगे बढ़ा
पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने वाली
महत्वपूर्ण योजना है। पात्र हितग्राहियों को योजना की किस्त समय पर मिलनी चाहिए,
ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने
अधिकारियों से ऐसे प्रकरणों में विशेष संवेदनशीलता बरतने को कहा।
नौ
महीने से रुकी थी पेंशन, 1076 पर शिकायत के बाद मिला लाभ
मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी
श्री तोरण साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी माताजी को लगभग नौ महीने से पेंशन
की राशि नहीं मिल रही थी। पेंशन नहीं मिलने के कारण परिवार को परेशानी का सामना
करना पड़ रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग
द्वारा प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की गई। इसके बाद उनकी माताजी की पेंशन
पुनः प्रारंभ हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया। श्री साहू ने समस्या का
समाधान होने पर संतुष्टि जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा
महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए
महत्वपूर्ण आर्थिक संबल है। पात्र हितग्राहियों को इसके लिए परेशान न होना पड़े,
यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आम
नागरिक के लिए छोटी समस्या भी हो सकती है बड़ी परेशानी : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों
से कहा कि शासन-प्रशासन की दृष्टि में कोई प्रकरण सामान्य हो सकता है,
लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बहुत महत्वपूर्ण होती है।
राशन कार्ड में सुधार, पेंशन का भुगतान, बिजली आपूर्ति, पेयजल, आवास की
किस्त या राजस्व संबंधी छोटे से कार्य में देरी भी किसी परिवार को लंबे समय तक
परेशान कर सकती है।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का
उद्देश्य यही है कि नागरिक की आवाज सीधे शासन तक पहुंचे और संबंधित विभाग उसकी
समस्या को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में समाधान करे। मुख्यमंत्री ने
कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात के दौरान भी सीएम
हेल्पलाइन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अनेक नागरिक बताते हैं कि 1076
पर शिकायत करने के बाद उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान
हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम
हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि
शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने का भी माध्यम
है।
अच्छा
काम करने वाले अधिकारियों की सराहना,
लापरवाही पर जवाबदेही हो सुनिश्चित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
शासन-प्रशासन में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ
काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण योजनाएं धरातल तक पहुंच रही हैं और लोगों
की समस्याओं का समाधान हो रहा है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित
किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में
लापरवाही या नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी पूरे प्रशासन की छवि को
प्रभावित करती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को यह समझना होगा कि जनता की
समस्या का समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अच्छा काम करने वालों को
प्रोत्साहन मिले और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही की
स्थिति में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
शिकायतों
के आंकड़े बनें नागरिक सेवाओं में सुधार का आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने समीक्षा के
दौरान हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव होने की स्थिति, शिकायतों
के पंजीयन, विभिन्न स्तरों पर उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की व्यवस्था तथा विभागवार शिकायतों के
विश्लेषण की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि
हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को केवल व्यक्तिगत प्रकरणों के रूप में न देखा जाए।
शिकायतों के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर यह पता लगाया जाए कि किस विभाग,
योजना, सेवा या क्षेत्र से संबंधित शिकायतें
बार-बार आ रही हैं। यदि एक ही प्रकृति की शिकायतें बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही
हैं, तो उनके मूल कारण की पहचान कर व्यवस्था में आवश्यक
सुधार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह सीएम
हेल्पलाइन नागरिकों की व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के साथ शासन की नीतियों और
सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण फीडबैक सिस्टम के रूप में भी काम करेगी।
बस्तर
सहित दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक पहुंचे 1076
की सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप
से बस्तर संभाग के जिलों से प्राप्त शिकायतों की प्रकृति और उनके निराकरण की
स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के
नागरिकों के लिए सीएम हेल्पलाइन विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है,
क्योंकि इससे उन्हें अपनी समस्या लेकर जिला अथवा राजधानी स्तर के
कार्यालयों तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए
कि सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी अंतिम
गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए। ग्राम पंचायतों, उचित
मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से
इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। स्थानीय स्तर पर भी नागरिकों को बताया जाए कि
वे किस प्रकार हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
तकनीकी
और प्रक्रियागत कमियों को दूर कर और मजबूत होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम
हेल्पलाइन अभी अपने प्रारंभिक दौर में है। इसलिए शुरुआती अनुभवों से सीखते हुए
तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों को लगातार दूर किया जाए। कॉल रिस्पॉन्स,
शिकायत पंजीयन, संबंधित विभाग को शिकायत भेजने,
निर्धारित समय-सीमा में निराकरण और शिकायतकर्ता से फीडबैक तक पूरी
प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन ऐसी होनी
चाहिए, जिसमें नागरिक को शिकायत दर्ज कराने
से लेकर उसके समाधान तक सहज अनुभव मिले। तकनीक का उद्देश्य प्रक्रियाओं को जटिल
बनाना नहीं, बल्कि शासन को नागरिकों के और करीब लाना है।
जनता
का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने
कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है और सीएम हेल्पलाइन 1076
इस दायित्व को प्रभावी ढंग से निभाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही
है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के मन में यह विश्वास हो कि
उसकी बात शासन तक पहुंचेगी, उसे सुना जाएगा और उसकी जायज
समस्या का समय पर समाधान होगा।
उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच
विश्वास जितना मजबूत होगा, सुशासन
की व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। सीएम हेल्पलाइन इसी विश्वास की कड़ी को मजबूत
कर रही है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है और इसे बनाए रखना हम
सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव श्री
विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख
सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल
भगत, विभिन्न विभागों के सचिव, मुख्यमंत्री
के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित सभी जिलों के
कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।