दुर्ग। नकली सोने की पत्तियों को असली बताकर ज्वेलर्स से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने एक ज्वेलर्स से 19 लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। मामले में पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह घटना पाटन थाना क्षेत्र की है।
दरअसल, पूरा मामला 24 सितंबर 2026
का है। लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी ने थाने में शिकायत
दर्ज कराई थी कि 24 सितंबर को आरोपी ओमी सिंह और लाखन सिंह
उनकी दुकान पर पहुंचे थे। दोनों ने 180 ग्राम वजन की 18
सोने की पत्तियों को असली सोना बताकर गिरवी रख दिया और इसके बदले 15
लाख 93 हजार रुपये ले लिए।
जांच में 10
प्रतिशत सोना और 90 प्रतिशत अन्य धातु मिली
इसी दौरान आरोपियों ने 3
लाख 39 हजार रुपये कीमत के सोने-चांदी के
आभूषण उधार ले लिए। जिनमें 18 ग्राम की 03 नग सोने की अंगूठियां और 176.59 ग्राम की चांदी की 01
जोड़ी पायल उधार ले ली। आरोपियों ने एक सप्ताह के भीतर ब्याज सहित
रकम लौटाने का विश्वास दिलाया, लेकिन निर्धारित समय पर रकम
वापस नहीं की। संदेह होने पर गिरवी रखी गई सोने की पत्तियों की जांच कराई गई,
जिसमें लगभग 10 प्रतिशत सोना एवं 90 प्रतिशत अन्य धातु पाया गया।
पहले असली सोना गिरवी रखकर बनाया था
भरोसा
इस प्रकार व्यापारी से कुल 19
लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। जिस पर
पाटन थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस को पता चला कि आरोपी ज्वेलर्स
व्यापारी का विश्वास जीतने के लिए पहले असली सोना गिरवी रखकर लेन-देन किया,
बाद में नकली सोने की पत्तियां देकर 19.32 लाख
रुपये की ठगी की।
ट्रेन से भाग रहे आरोपियों को RPF
की मदद से पकड़ा
अर्जुन्दा क्षेत्र में इसी तरीके से
लगभग 25 लाख रुपये की ठगी करने के प्रयास के
संबंध में संदिग्धों की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा। सीसीटीवी फुटेज एवं
अन्य सबूतों के आधार पर आरपीएफ नागपुर के सहयोग से ट्रेन से फरार हो रहे दो महिला
एवं दो पुरुष आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां, 01 असली सोने की पत्ती,
मोटरसाइकिल, नगदी और अपराध में प्रयुक्त अन्य
सामग्री बरामद की गई।