रायपुर : छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत इस योजना का लाभ पाकर दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाएं न केवल अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि परिवार के आर्थिक दायित्वों को निभाने में भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दे रही हैं।
नारायणपुर जिले के ग्राम बेनूर
कोटवारपारा की 64 वर्षीय श्रीमती
जुन्नीबाई कुलदीप की कहानी इस बदलाव की प्रत्यक्ष मिसाल है। जुन्नीबाई के लिए हर
महीने मिलने वाली योजना की राशि एक निश्चित और भरोसेमंद आर्थिक सहारा बनकर उभरी है।
इस वित्तीय संबल के बल पर जुन्नीबाई
ने बैंक से 25 हजार रुपये का ऋण लिया
और खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक कार्यों के साथ घर के लिए जरूरी सामान की व्यवस्था
की। अब वे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि में से ही हर महीने 650 रुपये ऋण की किस्त (EMI) के रूप में बैंक में जमा
कर रही हैं। किस्त चुकाने के बाद बची हुई राशि का उपयोग वे राशन और अन्य घरेलू
जरूरतों को पूरा करने में करती हैं।
श्रीमती जुन्नीबाई कुलदीप कहती है कि
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया है। अब मुझे
छोटी-मोटी जरूरतों या खेती के कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। हर
महीने समय पर मिलने वाली यह राशि हमारे परिवार की आर्थिक नींव को मजबूत कर रही है।
जुन्नीबाई ने योजना के माध्यम से
मिल रहे नियमित आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति
आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन में स्वाभिमान
और खुशहाली का नया उजाला फैला रही है।