महासमुंद। महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी के बड़े सिडिकेट का पर्दाफाश किया है। छत्तीसगढ़ से नाबालिग बच्चियों की तस्करी के साथ ही शारीरिक शोषण और गर्भवती होने पर अस्पताल के मेमो से पूरे रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 5 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने 10 ठिकानों पर मारी रेड
मिली जानकारी के मुताबिक,
पुलिस ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ मे 10 ठिकानों पर
रेड कर 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए नगद जब्त किए. साथ मे मजदूर पलायन
रजिस्टर, बैंक पासबुक, ATM और मोबाइल
भी जब्त किए है।
यूपी के ईंट भट्ठों में दो से पांच
हजार तक मजदूर भेजने का खुलासा
सिडिकेट का सरगना बेलटुकरी (नुआपाड़ा
ओडिशा) निवासी मुकेश चंद्राकर सहित लता सबर, नंदू
मोहती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता गिरफ्तार किए गए है। ये
लोग हर साल 2000 से 5000 मजदूरो को
बिना अनुमति बंधुआ मजदूर बनाकर UP के ईंट भट्ठो मे 6 महीने तक 13-13 घंटे काम कराते थे। नए स्थान तलाशे
खल्लारी थाने में मामला दर्ज
अग्रिम कर्ज के जाल में फंसाकर
महिलाओ और 15-16 वर्षीय नाबालिग
बच्चियों से भी बंधुआ मजदूरी कराते थे। इनहीं में से बच्ची के साथ ईंट भट्ठे के
ड्राइवर पर यौन शोषण का आरोप है। थाना खल्लारी मे BNS धारा 143(2)
(3) (4), 3(5) और संगठित अपराध की धारा 111 के
तहत केस दर्ज, मोबाइल CDR और बैंक
अकाउंट खंगाले जा रहे है।