रायपुर. महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के किंगपिन और लंबे समय से फरार आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी को दुबई से हैदराबाद पहुंचने के तुरंत बाद राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया.
सीबीआई की अब तक की
जांच में सामने आया है कि अभिषेक कुमार महादेव बुक के तहत संचालित ऑनलाइन
सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था. वह सट्टेबाजी के पैनल का
समन्वय करने, रकम की वसूली और सट्टे से अर्जित अवैध धन से
दुबई में अचल संपत्तियां खरीदने में भी शामिल रहा. जांच एजेंसी के अनुसार, अभिषेक कुमार मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम
करता था.
गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में
आरोपी के कब्जे से कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है. सीबीआई के मुताबिक,
जब्त सामग्री से प्रथम दृष्टया महादेव सट्टा एप के संचालन में
अभिषेक कुमार की सक्रिय भूमिका सामने आती है.
पहले हैदराबाद,
फिर रायपुर लाया गया
गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार को
हैदराबाद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां
से सीबीआई को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली. इसके बाद आरोपी को रायपुर लाकर
अदालत में पेश किया गया. रायपुर कोर्ट से सीबीआई ने आरोपी की दो दिन की पुलिस
रिमांड हासिल की है.
13 एफआईआर सीबीआई को सौंपी
गई थीं
महादेव सट्टा एप मामले में छत्तीसगढ़
सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग थानों में दर्ज 13 एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. सीबीआई ने इन मामलों को अपने हाथ
में लेकर जांच शुरू की. अब तक मामले में 100 आरोपियों के
खिलाफ आठ आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं. इनमें महादेव सट्टा एप के मुख्य प्रमोटर,
पैनल संचालक, हवाला कारोबारी और छत्तीसगढ़
सरकार के कुछ लोक सेवक शामिल हैं.
सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच
अभी जारी है और फरार आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं. जांच एजेंसी
महादेव सट्टा एप के मुख्य प्रमोटरों को भारत वापस लाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई
सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम कर रही है.
सात रेड कॉर्नर नोटिस
जारी
सीबीआई के अनुसार,
अब तक सात रेड कॉर्नर नोटिस और दो प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके
हैं. दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी चल रही है. जांच एजेंसी का
कहना है कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की रकम का पता लगाने और इस पूरे
नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई जारी रहेगी.