रायपुर : लोक निर्माण विभाग बरसात के बाद सडकों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर फील्ड में कार्यों को गति देने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा
रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अक्टूबर से निर्माणाधीन कार्यों को
तेजी से आगे बढ़ाने और अप्रारंभ कामों को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने
अधिकारियों को कार्यस्थलों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर ठेकेदारों को
बाधामुक्त कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संवाद और
अच्छा समन्वय रखते हुए टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के
निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को
कहा।
श्री बंसल ने सभी कार्यपालन
अभियंताओं को हर दो महीने में अनुविभागीय अधिकारियों,
सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं और ठेकेदारों
के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सिविल
और विद्युत-यांत्रिकी शाखा के अभियंताओं को आपसी तालमेल से काम करने को कहा। दोनों
शाखाओं के बीच समन्वय की कमी से कार्यों की प्रगति प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने एनआईटी तैयार करते समय कार्य पूरा करने की अवधि को व्यावहारिक रखने के
निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों का मूल्याकंन कर हर
महीने भुगतान करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल
ने ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्माण कार्यों
में तेजी लाने और विभिन्न प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने विभागीय
दिशा-निर्देशों, भुगतान प्रक्रिया,
समय-सीमा निर्धारण और ठेकेदारों से जुड़े नीतिगत विषयों पर सुझाव भी
मांगे।
विभागीय सचिव ने कहा कि लोक निर्माण
विभाग के कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका है। उन्होंने ठेकेदारों को 1
अक्टूबर से शुरू हो रहे नए टेंडर सिस्टम में नामांकन कराने और इसके
लिए विभाग द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लेने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों
को अपने पास उपलब्ध संसाधनों और क्षमता के अनुसार काम लेने को कहा। उन्होंने
ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता पर भी जोर दिया।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर
सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव और सीजीआरआईडीसी के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री
शशांक पाण्डेय भी बैठक में मौजूद थे।