रायपुर : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही ऐसी ही सेवा की कहानी सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मयूरधक्की निवासी श्रीमती महदई गुर्जर की है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने श्रीमती महदई के वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को साकार कर उनके परिवार को सुरक्षित और बेहतर भविष्य का आधार दिया है।
श्रीमती महदई गुर्जर अपने परिवार के
साथ लंबे समय से कच्चे मकान में रह रही थीं। कमजोर दीवारों और असुरक्षित छत के
कारण परिवार को हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों
में घर की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण
पक्का मकान बनाना परिवार के लिए आसान नहीं था।
ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना
उनके लिए उम्मीद की किरण बनी। योजना के अंतर्गत श्रीमती
महदई गुर्जर को आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई।
योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके पक्के घर के निर्माण का रास्ता
खोल दिया और देखते ही देखते वर्षों से देखा जा रहा सपना हकीकत में बदल गया।
आज श्रीमती महदई अपने परिवार के साथ
पक्के और सुरक्षित आवास में रह रही हैं। नए घर ने न केवल उन्हें मौसम की चिंता से
राहत दी है, बल्कि परिवार के जीवन में
स्थायित्व और सुरक्षा का भाव भी बढ़ाया है। कच्चे मकान की परेशानियां पीछे छूट गई
हैं और परिवार अब अपने आशियाने में सुकून के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।
अपनी खुशी साझा करते हुए श्रीमती
महदई गुर्जर कहती हैं कि कच्चे घर में रहते हुए हर बारिश चिंता लेकर आती थी,
लेकिन अब सिर पर सुरक्षित छत है और मन में सुकून। पक्का घर हमारे
लिए सपने जैसा था, जो प्रधानमंत्री आवास योजना से आज सच हो
गया है। उनके लिए यह घर केवल ईंट और दीवारों से बना मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का
नया आधार है।