जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित सिवनी शराब दुकान डबल मर्डर और लूट मामले में जिला न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी है। प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने मुख्य आरोपी शिव शंकर चौहान को चार-चार बार आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं इस मामले के सह-आरोपी कृष्णा सहिस और महिला सहयोगी मंगली सहिस को तीन-तीन बार आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
यह फैसला लंबे समय से चल रहे इस मामले
में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अदालत के निर्णय को जघन्य अपराध के खिलाफ
कड़ा संदेश माना जा रहा है। घटना में मारे गए दोनों सुरक्षाकर्मियों के परिजनों को
इस फैसले से राहत मिली है। गौरतलब है कि 4
नवंबर की रात सिवनी गांव स्थित शराब दुकान में कार्यरत दो
सुरक्षाकर्मियों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने
के बाद दुकान से शराब और नकदी भी लूट ली थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी
फैला दी थी और पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कुछ
महत्वपूर्ण सुराग मिले थे, जिनमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल था। हालांकि फुटेज में आरोपी का चेहरा साफ
नजर नहीं आ रहा था, क्योंकि वह नकाब पहनकर आया था। इसके
बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच को आगे बढ़ाते हुए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास
किया। पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए एएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन
किया था। जांच के दौरान करीब 7 लाख 40 हजार
मोबाइल नंबरों को टावर लोकेशन के आधार पर खंगाला गया। साथ ही सीसीटीवी फुटेज का
बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसमें एक संदिग्ध नकाबपोश
व्यक्ति की गतिविधियां सामने आईं।
फुटेज के अनुसार, आरोपी शराब दुकान के सामने सो रहे
दोनों सुरक्षाकर्मियों के पास पहुंचा और कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर उनकी हत्या कर
दी। इसके बाद वह दुकान के अंदर घुसा और वहां रखी शराब व नकदी लेकर फरार हो गया।
आरोपी ने दुकान के लॉकर को भी खोलने की कोशिश की, लेकिन वह
सफल नहीं हो सका। जांच के दौरान पुलिस ने सौ से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की और
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार एक ही परिवार के तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। अदालत में पेश किए गए
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा
सुनाई। यह फैसला क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करने वाला
माना जा रहा है। इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों को भी अहम
माना जा रहा है, जिसने एक जटिल केस को सुलझाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।