रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो
अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ.
बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और
राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय
सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर
पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के
पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने
समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के
मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था
और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम
ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह
से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं
से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य
समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान
दें।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पेयजल
आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष
तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य
से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल
समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31
मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के
काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के
पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी।
कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।
श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री
आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026
तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण
एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में
स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18
माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव
अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे
हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार
850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।
श्री साव ने पीएम स्वनिधि योजना का
लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत
कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ,
सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर
हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और
तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी
समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
इन
कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज
दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली,
विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान,
अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के
कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान
योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन,
गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना,
अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग
के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर
पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।