रायगढ़ : जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मां ने अपने ढाई साल के मासूम को सिर्फ इसलिए पत्थर से मार डाला, क्योंकि उसने पैदल चलने से मना कर दिया था. आरोपी महिला ने मासूम की हत्या के बाद शव को जंगल में ही छिपा दिया. फिर बच्चे के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को उलझाती रही. लेकिन जब पुलिस ने शक के आधार पर महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया.
‘चिलचिलाती धूम में कह रहा था मम्मी
गोदी ले लो’
पूरा मामला कापू थाना क्षेत्र के पारेमेर फिटिंगपारा
गांव का है. यहां रहने वाले बोधसाय मंछवार और सोनमति के दो बच्चे थे. इनमें एक चार
साल की बेटी ढूलबाई और दूसरा ढाई साल का बेटा अनुज था. लेकिन 16 अप्रैल को ढाई साल का बेटा अनुज लापता हो गया. काफी ढूंढने के बाद भी जब
मासूम कहीं नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. जिसके बाद पुलिस
ने बच्चे की तलाश शुरू की. पुलिस की जांच में पाया गया कि बच्चा आखिरी बार अपनी
मां के साथ था.
जब पुलिस ने सोनमति से पूछताछ की तो उसने पुलिस को
उलझाने के लिए बताया कि बच्चे का अपहरण हो गया. सोनमति बार-बार झूठ बोल रही थी.
इसके कारण पुलिस का उस पर शक और गहरा हो गया. इस दौरान जंगल के पास पुलिस को बच्चे
का शव मिला. इसके बाद पुलिस ने आरोपी मां से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने दिल
दहला देने वाला सच बताया.
सोनमति ने बताया कि खुद उसने ही अपने बच्चे की पत्थर
से कुचल कर हत्या कर दी है. आरोपी ने बताया कि वह अपने बच्चे के साथ पैदल जा रही
थी. चिलचिलाती धूप में बेटा बार-बार कह रहा था कि मम्मी गोदी ले लो. जिसके कारण
मेरा दिमाग खराब हो गया था. फिर मैंने बच्चे को वहीं पटक दिया और फिर पत्थर से सिर
कुचल उसकी हत्या कर दी.
पति को शराब के नशे में मिली
सोनमति
16 अप्रैल को बोधसाय अपनी पत्नी सोनमति,
अपनी बेटी और अपने ढाई साल के बेटे को घर छोड़कर गया था. लेकिन जब
बोधसाय लौटा तो घर पर सिर्फ बेटी मिली. अगले दिन पत्नी सोनमति घर अकेले आई और उसने
शराब पी रखी थी. जब पति ने बेटे के बारे में पूछा तो वो बातों को घुमाने लगी. पति
को लगा कि शराब के नशे में शायद उसे कुछ याद नहीं है. लेकिन अगले दो दिनों तक जब
बच्चा नहीं मिला तो पति ने पुलिस से बेटे की गुमशुदगी दर्ज करवाई. फिलहाल पुलिस ने
आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.