डिंडौरी : मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध
शिव मंदिरों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं. ऐसा ही एक अनोखा शिव मंदिर डिंडौरी
जिले में है. यहां मौजूद हजारों साल पुराने ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को लेकर
मान्यता है कि यहां पूजा-पाठ करने से मनुष्य को हर तरह के ऋणों यानी कर्ज से
मुक्ति मिलती है.
ऋण मुक्तेश्वर मंदिर,
डिंडौरी
डिंडौरी जिला मुख्यालय से करीब 12
किलोमीटर दूरी पर कुकर्रामठ गांव में स्थित भगवान शिव का मंदिर ऋण
मुक्तेश्वर महादेव मंदिर हजारों साल पुराना है. इस प्राचीन मंदिर को लेकर मान्यता
है कि यहां जो भी सच्चे मन से पूजा करता है उसके सभी तरह से कर्ज माफ हो जाते हैं
और उसे कर्जों से मुक्ति मिल जाती है.
कुत्ते की समाधि पर बना
है मंदिर
प्राचीन ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर
कुत्ते की समाधि पर बना हुआ है. इस मंदिर का इतिहास एक कुत्ते से जुड़ा है.
किवदंतियां हैं कि सालों पहले लाखा नामक बंजारे ने धन की जरूरत पड़ने पर अपने
कुत्ते को राजा के पास गिरवी रख दिया था. उसी दौरान राजमहल में चोरी की घटना हो गई
थी. तब कुत्ते की सूझबूझ से चोरी का पूरा सामान राजा को वापस मिल गया था. कुत्ते
की वफादारी से खुश होकर राजा ने कुत्ते के गले में बंजारे के नाम खत लिखकर उसे
आजाद कर दिया था.
कुत्ता जैसे ही बंजारे के पास पहुंचा
तो लाखा बंजारा को लगा कि कुत्ता महल से भागकर आ गया है और बंजारे ने कुत्ते को
मौत के घाट उतार दिया. फिर जैसे ही बंजारे ने कुत्ते के गले में लटके खत को पढ़ा तो
उसे बेहद अफसोस हुआ. इसके बाद लाखा बंजारा ने पश्चाताप करने के लिए कुकर्रामठ गांव
में ऋण मुक्तेश्वर महादेव का मंदिर बनवाया.
कल्चुरी काल का है मंदिर
बताया जाता है कि भगवान शिव का यह
प्राचीन मंदिर कल्चुरी काल का है. यहां करीब तीन फीट लंबी शिवलिंग मौजूद है.
प्राचीन कालीन ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को पुरातत्व विभाग ने अपने अधीन ले रखा
है.
लगता है भक्तों का तांता
हर साल महाशिवरात्रि के मौके पर इस
मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है. वहीं, दूर-दूर
से भक्त इस मेले में शामिल होने और अपनी मन्नत लेकर भोलेनाथ के दर्शन के लिए
पहुंचते हैं. महाशिवरात्रि के अलावा भी साल भर इस मंदिर में पूजा-पाठ करने के लिए
भक्तों का तांता लगा रहता है.