रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम
को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनसेवा के प्रति समर्पित ऐसे
जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण
जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और
क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक,
सांसद और मंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का
निर्वहन करते हुए सदैव जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। जनजातीय समाज के अधिकारों,
सम्मान और विकास के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी प्रतिमा
आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा, समर्पण और जनकल्याण के मार्ग
पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय
लरंग साय जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे पहली बार
विधायक बने, तभी से उन्हें काका लरंग
साय जी के निकट संपर्क में आने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने
बताया कि सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका जी अक्सर उनके निवास पर
आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते थे। उन्होंने काका जी से कहा था कि जब भी वे
दिल्ली आएँ, उनके लिए निवास पर एक कमरा हमेशा आरक्षित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व
प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय जी के
अत्यंत आत्मीय संबंध थे। अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे। काका जी का सहज स्वभाव,
सरल जीवन और जनता के प्रति समर्पण उनकी विशिष्ट पहचान थी। सार्वजनिक
जीवन में उनके आदर्श हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र
के विकास के लिए की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने
क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
उन्होंने शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन
विद्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही चांदो में सामाजिक,
सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बड़े
सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लरंग साय जी
की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमा स्थल के समीप भव्य
स्मृति द्वार के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार जनसेवा
के प्रति उनके समर्पण और क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान का प्रतीक बनेगा।
बलरामपुर जिले में विकास
कार्यों को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बलरामपुर जिले को एक साथ बड़ी संख्या में विकास कार्यों की सौगात मिलना क्षेत्र की
प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए कार्यों के भूमिपूजन से निर्माण
गतिविधियों को गति मिलेगी, वहीं
पूर्ण हो चुके कार्यों से आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। सड़क, अधोसंरचना और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में
विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार
सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए
पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। हमारा संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गाँव
और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा हर नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
गरीबों और विशेष पिछड़ी
जनजातियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों के पक्के आवास का
सपना तेजी से साकार हो रहा है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600
प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि
बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से
माँगे गए 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों को भी
स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति
आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से
कमजोर जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना हमारी सरकार की
महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। प्रदेश में पहाड़ी कोरवा, बिरहोर,
कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों की
आबादी लगभग 3 लाख 20 हजार है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत इन समुदायों के लिए लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही बिजली, पेयजल,
राशन कार्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भी
निरंतर कार्य किया जा रहा है।
15 नवंबर से शुरू होगी
धान खरीदी, किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए केंद्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
किसानों की समृद्धि और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य
सरकार संकल्पित है। आगामी 15 नवंबर
से प्रदेश में धान खरीदी प्रारंभ होगी। इस वर्ष भी किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल
धान खरीदा जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा
के लिए प्रदेशभर में 360 नए धान खरीदी
केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी
तय करने की आवश्यकता कम होगी और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ तथा लंबी कतारों
से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि धान बेचने में
किसी भी अन्नदाता को परेशानी न हो।
वनांचल के परिवारों की आय
बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
वनांचलों में निवासरत परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार
लगातार प्रयास कर रही है। बस्तर और सरगुजा संभाग में लगभग 13
लाख परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हैं। इन परिवारों की आय
बढ़ाने के उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है। इसके
साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना भी पुनः प्रारंभ की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के साढ़े
पाँच लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष ₹10
हजार की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार का
प्रयास है कि गरीब, किसान, श्रमिक और
वनांचल के परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनें तथा विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
सुशासन से आम नागरिकों
का जीवन होगा अधिक सुगम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह
और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्रालय में ई-ऑफिस
प्रणाली लागू की गई है और शासकीय सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ बनाया जा
रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री
हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएँ और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
हमारा प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण हो और नागरिकों को
छोटे-छोटे कार्यों के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सुशासन की
वास्तविक सार्थकता तभी है, जब आम
नागरिकों को सरलता और समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बारिश के
बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रवासियों के प्रति आभार
व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में
शामिल नहीं हो पाने पर खेद भी प्रकट किया।
स्वर्गीय लरंग साय जी के
सपनों को साकार करने के लिए क्षेत्र के विकास को देंगे नई गति : कृषि मंत्री श्री
रामविचार नेताम
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने
कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास के
लिए समर्पित किया। उनका योगदान केवल सामरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा,
बल्कि पूरे सरगुजा अंचल के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही भावी पीढ़ियों
को उनके आदर्शों से परिचित कराने की सराहनीय पहल है।
श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री
श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा अंचल में विकास कार्यों को नई गति मिल
रही है। बलरामपुर जिले को ₹202 करोड़
से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिलने से सड़क, पुल-पुलिया,
तालाब और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि
क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों की माँगों के अनुरूप भी विकास
कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वर्गीय लरंग साय जी ने क्षेत्र के विकास का जो
सपना देखा था, उसे साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
है।
स्वर्गीय लरंग साय जी का
व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणादायी रहेगा : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले
की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी
जनजातीय समाज के प्रमुख नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। भारतीय
जनसंघ से जुड़े रहकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी
नेतृत्व क्षमता, सहज व्यक्तित्व और आम
जनता से गहरा जुड़ाव उनकी विशेष पहचान रही।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं,
किसानों, गरीबों और जनजातीय समाज के कल्याण के
लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की
माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही
है, जिससे उनका आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही
है।
उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद
पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री
आवासों की स्वीकृति का निर्णय गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का
प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में
बलरामपुर जिले सहित पूरे सरगुजा अंचल में विकास और जनकल्याण के कार्यों को और गति
मिलेगी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला
सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह, श्री
बब्रुवाहन महाराज, श्री ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य
जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।