बिलासपुर/कोरबा. दिन के उजाले में जब ग्रामीण अपने खेतों में पसीना बहा रहे होते थे, तब कुछ शातिर चोर सूने घरों के ताले तोड़कर उनकी बरसों की कमाई पर हाथ साफ कर रहे थे. बिलासपुर पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने ऐसे ही एक शातिर अंतरजिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. खास बात यह है कि चोरी के पैसों से इन आरोपियों ने एशियन सपनों जैसी ‘क्रेटा कार’ और ‘बुलेट मोटर साइकिल’ खरीद रखी थी, जिसकी किस्तें भी वे इन्हीं चोरियों के पैसों से चुका रहे थे.
पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन
आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 6 लाख
रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और वाहन बरामद किए हैं.
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था. आरोपी
विनोद कुमार वासुदेव, भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ ‘गुरूजी’ और राज प्रजापति उर्फ ‘लल्लू’ (तीनों निवासी मानिकपुर, जिला कोरबा) बेहद शातिर तरीके से वारदात करते थे.
चोरी के माल से खरीदी
क्रेटा और बुलेट
गिरोह के सरगना विनोद वासुदेव ने चोरी के पैसों से
सफेद रंग की क्रेटा कार (कीमत 10 लाख रुपये) खरीद
ली थी. वहीं, उसके साथी राज प्रजापति ने चोरी के पैसों से ही
अपने चाचा के नाम पर बुलेट बाइक (कीमत 1.5 लाख रुपये)
फाइनेंस कराई थी और दोनों इन गाड़ियों की किस्तें चोरी के पैसों से ही भर रहे थे.
पुलिस ने इन लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त कर लिया है.
CCTV फुटेज और पुलिस को मिले इनपुट ने
खोली पोल
हाल ही के दिनों में कोटा, रतनपुर, बिल्हा, पचपेड़ी,
बेलगहना और कोरबा के पाली क्षेत्र में दिनदहाड़े चोरी की घटनाएं
लगातार बढ़ रही थीं. आईजी और एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह के सख्त निर्देशों के बाद
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला. एसीसीयू और कोटा पुलिस की
संयुक्त टीम ने अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले, जिससे
इनके कोरबा में छिपे होने का सुराग मिला. जांच में यह भी सामने आया कि ये आरोपी
पहले भी वर्ष 2022-23 में जांजगीर जिले में दिन में चोरी के
मामलों में जेल जा चुके हैं और फिलहाल वह मामला विचाराधीन है.
क्या-क्या जब्त किया पुलिस ने ?
01 सफेद क्रेटा कार (कीमत ₹10,00,000)
01 बुलेट मोटरसाइकिल (कीमत ₹1,50,000)
01 होंडा एसपी शाइन मोटरसाइकिल
(कीमत ₹1,00,000)
सोने-चांदी के जेवरात (10
जोड़ी पायल, मंगलसूत्र, टाप्स,
करधन, बिछिया आदि – कुल
कीमत करीब ₹6,00,000)
गुल्लक का चिल्हर पैसा (₹1,250)
नकद रकम (₹1,30,000)
इन पुलिस कर्मचारियों की भूमिका रही अहम
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में थाना कोटा के
निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, उपनिरीक्षक दिलीप
साहू, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी और उनकी टीम के
अन्य पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा.