रायपुर : कभी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं थी और आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण स्वरोजगार का सपना अधूरा नजर आता था। लेकिन आज सरगुजा जिले के ग्राम दरिमा की श्रीमती सूरज यादव अपने होटल का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। इतना ही नहीं, पति के साथ मिलकर विभिन्न आयोजनों में भोजन तैयार करने और खानपान की व्यवस्था का काम भी संभाल रही हैं। यह बदलाव संभव हुआ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन श्बिहानश् के माध्यम से, जिसने उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित योजनाओं का लाभ लेकर सूरज यादव आज लखपति दीदी के रूप में दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान-2026
के अंतर्गत सूरज यादव की सफलता की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक
सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल है। स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल पूंजी की
कमी को दूर किया, बल्कि अपनी मेहनत, लगन
और परिवार के सहयोग से स्वरोजगार को आजीविका के मजबूत आधार में बदल दिया है।
35 हजार रुपये के ऋण
से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की यात्रा
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड
अंतर्गत ग्राम पंचायत दरिमा निवासी श्रीमती सूरज यादव बताती हैं कि पहले परिवार के
पास व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं थे। ऐसे समय में
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत शिव शक्ति स्व-सहायता समूह से
जुड़ना उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया। समूह के माध्यम से उन्हें पहली
बार 35 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की शुरुआत की।
इसके बाद व्यवसाय की जरूरतों के
अनुसार उन्होंने 20 हजार और 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। धीरे-धीरे काम बढ़ने और व्यवसाय के विस्तार
की संभावनाएं बनने पर इस बार उन्होंने ढाई लाख रुपये का ऋण लिया है। सूरज यादव
बताती हैं कि समूह से समय-समय पर मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें पूंजी की चिंता से
राहत दिलाई और अपने काम को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। आज वे होटल व्यवसाय का
विस्तार कर परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही हैं।
पति-पत्नी की मेहनत से
आगे बढ़ा होटल व्यवसाय, आयोजनों
में भी मिल रहे भोजन के ऑर्डर
सूरज यादव के लिए होटल व्यवसाय अब
परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। उनके पति भी इस काम में पूरा
सहयोग करते हैं। दोनों मिलकर होटल संचालन के साथ विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक
आयोजनों में भोजन तैयार करने और खानपान की व्यवस्था का कार्य करते हैं। ग्राहकों
की मांग के अनुसार भोजन के ऑर्डर भी तैयार किए जाते हैं। इससे परिवार को आय अर्जित
करने के अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं।
दो बच्चों की मां सूरज यादव बताती
हैं कि पहले परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था,
लेकिन अब वे स्वयं व्यवसाय संभालते हुए परिवार की जिम्मेदारियों में
महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्वरोजगार से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है
और समाज में उनकी एक अलग पहचान बनी है। परिवार के सहयोग और स्वयं की मेहनत से वे
अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने का सपना देख रही हैं।
ऋण के साथ प्रशिक्षण और
मार्गदर्शन ने बढ़ाया आत्मविश्वास
बिहान योजना ने सूरज यादव को केवल
आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि
व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए।
स्व-सहायता समूह की नियमित बैठकों में आजीविका संवर्धन, आर्थिक
गतिविधियों और व्यवसाय को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। समय-समय
पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से समूह की महिलाओं को नई जानकारियां और अपने काम
को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।
सूरज यादव बताती हैं,
ष्पहले हमारे पास व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए कुछ नहीं था। समूह से
जुड़ने के बाद ऋण लेकर हमने अपना काम बढ़ाया। आज हमारा होटल है और हम ऑर्डर पर खाना
बनाने का काम भी करते हैं। समूह के माध्यम से मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला है। यहां
प्रशिक्षण और आजीविका को लेकर नियमित बैठकें भी होती रहती हैं।ष्
बिहान ने दी नई पहचान,
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
अपनी सफलता से उत्साहित सूरज यादव
कहती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
पहले पूंजी के अभाव में व्यवसाय को आगे बढ़ाना मुश्किल था,
लेकिन स्व-सहायता समूह के सहयोग से आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं।
समूह से मिली सहायता ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ भविष्य के लिए नए
सपने देखने का साहस भी दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र
मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
शासन की योजनाओं और स्व-सहायता समूह के सहयोग से उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से
आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
ग्रामीण महिलाओं की
आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
बिहान ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूहों के माध्यम से ऋण सुविधा,
प्रशिक्षण और आजीविका संवर्धन के अवसर मिलने से महिलाएं छोटे
व्यवसायों की शुरुआत करने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने में भी सक्षम हो रही हैं।
सरगुजा की लखपति दीदी सूरज यादव की
सफलता इसी बदलाव की जीवंत तस्वीर है। कभी पूंजी के अभाव में व्यवसाय को आगे बढ़ाने
के लिए संघर्ष करने वाली सूरज यादव आज अपने होटल का संचालन कर रही हैं और परिवार
की आर्थिक खुशहाली में योगदान दे रही हैं। उनकी यह प्रेरक यात्रा बताती है कि सही
अवसर, आर्थिक सहयोग और दृढ़ संकल्प से
ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अपने
परिवार और समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकती हैं।