रायपुर. दूसरे ब्रांड के ट्रेडमार्क की नकल कर आटा और बेसन बेचने के मामले में माना पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान धीरज सचदेव (31) और उसके पिता श्री चंद सचदेव (61) के रूप में हुई है. पुलिस ने माना क्षेत्र स्थित उनकी दो फर्मों पर कार्रवाई करते हुए आटे के पैकेट, बेसन की बोरियां और पैकेजिंग सामग्री जब्त की है. जांच में पैकेजिंग के रंग, डिजाइन, सूर्य चिह्न और खाद्य पदार्थों की आकृतियों में शिकायतकर्ताओं के ब्रांड से समानता मिलने के बाद ट्रेडमार्क के अनधिकृत इस्तेमाल का मामला सामने आया.
पुलिस के
अनुसार, वैध ट्रेडमार्क से
संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद कार्रवाई की गई. सिंध आटा चक्की
से एक-एक किलो आटे के 23 पैकेट और पैकेजिंग सामग्री के 53
बंडल जब्त किए गए. वहीं, सिंध बेसन फर्म से
बेसन की 91 बोरियां और पैकेजिंग के 44 रोल
बरामद हुए. प्रत्येक बोरी में बेसन के 20 पैकेट होने की
जानकारी दी गई है.
आटा चक्की से 53
पैकेजिंग बंडल बरामद
माना के डी-62,
जय शदाराम मार्केट स्थित सिंध आटा चक्की की तलाशी के दौरान पुलिस को
20 हरे और 33 नारंगी रंग के पैकेजिंग
बंडल मिले. इसके अलावा एक-एक किलो आटे के 23 पैकेट भी बरामद
किए गए. शिकायतकर्ता राकेश शादीजा की ओर से उपलब्ध कराए गए नमूनों से इनकी तुलना
की गई. जांच में पैकेटों के रंग, डिजाइन, सूर्य चिह्न और खाद्य पदार्थों की आकृतियों में समानता पाई गई. कुछ विवरण
अलग होने के बावजूद पुलिस को प्रथम दृष्टया ट्रेडमार्क की नकल किए जाने के संकेत
मिले. इस मामले में अपराध क्रमांक 264/2026 दर्ज किया गया.
बेसन की 91
बोरियां और 44 पैकेजिंग रोल जब्त
दूसरी कार्रवाई सिंध बेसन फर्म में
की गई. यहां से बेसन की 91 बोरियां
और पैकेजिंग के 44 रोल जब्त किए गए. पुलिस ने दोनों मामलों
में शिकायतकर्ताओं के नमूनों के साथ पैकेजिंग का मिलान किया. प्रारंभिक जांच में
ब्रांड की पहचान से जुड़े प्रमुख चिह्नों और डिजाइन की समानता सामने आई है. पुलिस
ने ट्रेडमार्क के अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की है.
खाद्य जांच में नमूना
फेल होने की भी जानकारी
मामले में यह जानकारी भी सामने आई है
कि खाद्य विभाग की जांच में बेसन का नमूना निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा था.
ऐसे में मिलावटी बेसन को दूसरे ब्रांड के नाम से बेचने की आशंका जताई गई है.
हालांकि, खाद्य गुणवत्ता से जुड़े
निष्कर्ष और ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप अलग-अलग जांच के विषय हैं. पुलिस ने धीरज
सचदेव और श्री चंद सचदेव को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.