रायपुर : मातृत्व का समय हर महिला के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस दौरान मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयों और नियमित देखभाल की विशेष जरूरत होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इन आवश्यकताओं को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम
कृष्णापुर निवासी श्रीमती लीलावती को भी इस योजना से बड़ी राहत मिली है। उन्हें दो
किस्तों में कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त
हुई, जिसका उपयोग उन्होंने पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में किया। लीलावती बताती हैं कि
योजना से मिली सहायता के कारण उन्हें मातृत्व के दौरान अपनी और बच्चे की स्वास्थ्य
संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सुविधा हुई। वर्तमान में वे और उनका बच्चा दोनों
स्वस्थ हैं।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत
लीलावती की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली
आर्थिक सहायता जरूरतमंद महिलाओं के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक
सहायता उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिशु की बेहतर
देखभाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दो किस्तों में मिली 5 हजार रुपये की
सहायता, मातृत्व के दौरान मिला सहारा
लीलावती बताती हैं कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
के अंतर्गत उन्हें पहली किस्त में 3 हजार रुपये और
दूसरी किस्त में 2 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।
कुल 5 हजार रुपये की इस राशि से उन्होंने अपने लिए पौष्टिक
आहार, आवश्यक दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की।
मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है और ऐसे समय में
मिलने वाली आर्थिक सहायता से परिवार पर पड़ने वाला खर्च का बोझ भी कुछ कम हो जाता
है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने से उन्हें अपनी
सेहत के साथ बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल करने में भी मदद मिली। पौष्टिक भोजन और
आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करने में सहायता राशि उपयोगी साबित हुई। लीलावती के
अनुसार, मातृत्व के समय मिलने वाला यह आर्थिक
सहयोग उनके लिए महत्वपूर्ण था। आज वे और उनका बच्चा स्वस्थ हैं, जिससे परिवार में खुशी है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्रोत्साहन, दूसरी संतान बालिका होने पर भी सहायता का प्रावधान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती
एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण
को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रथम संतान के लिए
निर्धारित शर्तों के अनुसार कुल 5 हजार रुपये की
सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त दूसरी संतान बालिका
होने पर पात्रता एवं योजना के प्रावधानों के अनुसार 6 हजार
रुपये की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
योजना के माध्यम से महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव
के बाद स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिलता
है। विशेष रूप से सीमित आय वाले परिवारों में यह सहायता पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में उपयोगी साबित हो रही
है। इससे माताओं को अपने स्वास्थ्य के साथ नवजात शिशु की देखभाल पर भी ध्यान देने
में मदद मिलती है।
योजना से मिली राहत, लीलावती ने
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिलने पर
लीलावती ने खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री
श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि मातृत्व के दौरान
प्राप्त 5 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्हें
पौष्टिक भोजन और दवाइयों सहित अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में सहयोग मिला। इससे वे
अपनी और बच्चे की सेहत का बेहतर ध्यान रख सकीं।
लीलावती का कहना है कि मातृत्व के समय महिलाओं को
स्वास्थ्य और पोषण संबंधी अनेक जरूरतें होती हैं। ऐसे में योजना से मिलने वाली
सहायता राशि काफी उपयोगी होती है। उन्होंने इस आर्थिक सहयोग के लिए शासन के प्रति
धन्यवाद व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान में वे और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु के संकल्प को मिल रहा संबल
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत
ग्राम कृष्णापुर की लीलावती की कहानी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में
संचालित योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
से प्राप्त 5 हजार रुपये की सहायता राशि ने उन्हें मातृत्व
के दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की
व्यवस्था करने में सहयोग दिया। यह आर्थिक सहायता उनके लिए अपनी और बच्चे की
स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी।
लीलावती का अनुभव बताता है कि मातृत्व के समय मिलने
वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता
देने में मदद कर सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से जरूरतमंद
महिलाओं को मिल रहा यह सहयोग स्वस्थ मातृत्व, बेहतर शिशु देखभाल
और परिवार के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।