रायपुर : विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से अब राहत मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किया गया है। इससे विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा में उपलब्ध हो सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट
माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची,
उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तरपुस्तिका
की फोटोकॉपी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ा गया है। डुप्लीकेट
माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस
की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी तरह उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाएं भी निर्धारित प्रक्रिया
पूर्ण होने के बाद 60 दिवस की समय-सीमा में प्रदान की
जाएंगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र
यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए
परेशान होना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है।
परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है।
उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी
परीक्षाओं सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना
आवश्यक है। इसलिए विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध
व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री
विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक
विद्यार्थीकेंद्रित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। हमारा
प्रयास है कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं,
न कि जरूरी दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने
में। लोक सेवा गारंटी के दायरे में इन सेवाओं को शामिल किए जाने से व्यवस्था में
जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को
विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और निर्धारित
समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि
किसी भी विद्यार्थी को दस्तावेज प्राप्त करने अथवा परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के
लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
इस व्यवस्था का विशेष लाभ उन
विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें
उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी
परीक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र या उत्तरपुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता
होती है। समय-सीमा तय होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को उनके आवेदनों के
निराकरण को लेकर स्पष्टता मिलेगी और अनावश्यक विलंब पर भी अंकुश लगेगा।