रायपुर : गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के रामनगर स्थित श्री लक्ष्मी विनायक ज्वेलर्स में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पुलिस चौकी रामनगर की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ज्वेलर्स दुकान की दीवार में छेद कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए थे। मामले का मास्टरमाइंड विशाल सचदेव बताया गया है।
पुलिस ने आरोपियों
की निशानदेही पर चोरी की पूरी मशरूका और वारदात में इस्तेमाल वाहनों समेत करीब 14.51 लाख रुपये का सामान बरामद किया है। वहीं,
घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी
तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार,
आरोपियों ने चोरी से पहले ज्वेलर्स दुकान की रेकी की थी। इसके बाद 26-27
सितंबर की रात दुकान की दीवार में आधा छेद किया गया और आरोपी वापस
लौट गए।
इसके बाद 29-30 सितंबर की दरम्यानी रात आरोपी दोबारा दुकान के पास पहुंचे। पहले से किए गए
छेद को बड़ा कर दुकान के अंदर दाखिल हुए और डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के आभूषण
चोरी कर फरार हो गए।
दुकान खोलने पहुंचा संचालक तो सामने
आया मामला
ज्वेलर्स संचालक सुनील जैन ने पुलिस को
बताया कि उन्होंने 29 सितंबर की रात
दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे
दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का सामान बिखरा मिला।
दुकान की दाहिनी तरफ की दीवार की प्लाई
गिरी हुई थी और दीवार में बड़ा छेद था। डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के आभूषण भी
गायब थे। इसके बाद उन्होंने गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
हजारों CCTV
फुटेज खंगाले, सुराग से आरोपियों तक पहुंची
पुलिस
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस
उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन दीपमाला
कश्यप ने अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और
रामनगर पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। दुकान
के कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ ही इलाके में लगे हजारों CCTV
फुटेज खंगाले गए।
पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की
गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया। मुखबिर तंत्र और पुराने चोरी के मामलों में
शामिल आरोपियों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले।
कर्ज की वजह से चोरी की बनाई योजना-
पुलिस
पुलिस के मुताबिक,
गिरफ्तार आरोपी विशाल सचदेव ने महासमुंद में बर्फ की फैक्ट्री शुरू
की थी। फैक्ट्री के लिए उसने कर्ज लिया था, लेकिन कारोबार
नहीं चलने के कारण उसे आर्थिक नुकसान हुआ। कर्ज देने वालों की ओर से पैसों की मांग
बढ़ने के बाद उसने चोरी की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि विशाल ने अपनी
फैक्ट्री में काम करने वाले सूरज ढीमर और एक अन्य साथी के साथ मिलकर ज्वेलर्स को
निशाना बनाया। कुछ दिनों तक दुकान की रेकी करने के बाद दोनों रातों में चोरी की
वारदात को अंजाम दिया।