रायपुर : नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की ‘सेवा सेतु’ पहल शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। विभिन्न विभागों की सेवाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाकर अब प्रदेशवासियों को 900 से अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं की पहुंच शहरों के साथ-साथ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ाई जा रही है।
सेवा सेतु का मूल उद्देश्य केवल
सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि
नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और सेवा को
नागरिक के घर अथवा उसके नजदीकी केंद्र तक पहुंचाना है। आवेदन, दस्तावेजों की प्रक्रिया, स्थिति की जानकारी और
प्रमाण पत्र प्राप्त करने जैसी सुविधाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़कर सेवा वितरण को
अधिक सहज बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉली गंधर की कहानी,
सेवा सेतु की उपयोगिता का उदाहरण
अम्बिकापुर निवासी सुश्री डॉली गंधर
का अनुभव सेवा सेतु की उपयोगिता को जमीन पर सामने लाता है। उनके आधार कार्ड में
नाम संबंधी त्रुटि के कारण बैंक खाता खुलवाने में परेशानी आ रही थी। बैंक खाता
नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी।
डॉली ने अपनी समस्या के समाधान के
लिए सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधार
कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि का निराकरण किया गया। अब उनके लिए बैंक खाता खुलवाने
और छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाना आसान हो गया है। समस्या के समाधान
पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति
आभार जताया।
डॉली का अनुभव बताता है कि किसी
दस्तावेज में छोटी सी त्रुटि भी नागरिक के लिए बैंकिंग,
शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच में बाधा बन सकती है। ऐसे
मामलों में सेवा सेतु केंद्र नागरिक को समस्या से समाधान तक पहुंचाने का सरल
माध्यम बन रहे हैं।
एक मंच पर अनेक सेवाएं,
प्रक्रिया हुई आसान
सेवा सेतु के माध्यम से आय,
जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु
प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भू-अभिलेख
एवं राजस्व संबंधी सेवाएं, नाम संशोधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा श्रम विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं सहित अनेक
सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नागरिक घर बैठे अथवा नजदीकी सेवा
सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते
हैं। डिजिटल प्रमाण पत्रों में क्यूआर आधारित सत्यापन,
एसएमएस और व्हाट्सऐप अलर्ट जैसी सुविधाएं सेवा प्रक्रिया को अधिक
सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में सहायक हैं।
इस व्यवस्था का लाभ यह है कि नागरिक
को आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालय जाने की आवश्यकता कम
होती है। डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध होने से सेवा वितरण में
पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलता है।
गांव तक पहुंच रही डिजिटल सेवा
सेवा सेतु की महत्वपूर्ण विशेषता
इसका ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विस्तार है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी विभिन्न
नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इनमें
विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा,
स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई व्यवस्था और नाम
परिवर्तन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण को मजबूत
करने के लिए पंचायत सचिवों, सेवा
सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला या
तहसील मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी।
इसका सीधा लाभ नागरिकों के समय,
श्रम और आने-जाने के खर्च की बचत के रूप में सामने आएगा। गांव में
ही डिजिटल माध्यम से सेवा उपलब्ध होने से शासन की सुविधाएं नागरिकों के और करीब
पहुंचेंगी।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता
ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग व्यवस्था
नागरिकों को अपने आवेदन की प्रगति जानने का अवसर देती है। डिजिटल माध्यम से सेवा वितरण
में मैनुअल प्रक्रिया को कम करने, जवाबदेही
बढ़ाने और कागज रहित व्यवस्था को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं के
डिजिटलीकरण की यात्रा 2003 में ब्भ्व्प्ब्म्
के माध्यम से शुरू हुई और वर्ष 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के
विस्तार के साथ आगे बढ़ी। सेवा सेतु इस यात्रा को एकीकृत स्वरूप देते हुए विभिन्न
विभागों की सेवाओं को एक मंच पर लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस क्रम में तकनीक केवल सुविधा का
माध्यम नहीं रह जाती, बल्कि शासन की
कार्यप्रणाली को नागरिक-केंद्रित बनाने का साधन बनती है। आवेदन की डिजिटल
प्रक्रिया, ऑनलाइन स्थिति की जानकारी और डिजिटल प्रमाण पत्र
जैसी व्यवस्थाएं नागरिकों को सेवा प्रक्रिया से सीधे जोड़ती हैं।
शासन और नागरिक के बीच दूरी कम करने
की पहल
सेवा सेतु का व्यापक उद्देश्य केवल
सेवाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि
शासन को नागरिक के और करीब लाना है। जब प्रमाण पत्र, पंजीयन,
दस्तावेज संशोधन और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए नागरिक को बार-बार
सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़े, तो यह व्यवस्था सुशासन के उस
स्वरूप को सामने लाती है जिसमें प्रशासन नागरिक की सुविधा को केंद्र में रखकर काम
करता है।
डॉली गंधर जैसे नागरिकों की समस्याओं
का समाधान इस व्यवस्था की वास्तविक उपयोगिता को रेखांकित करता है। दस्तावेज संबंधी
समस्या दूर होने से उनके लिए बैंक खाता और छात्रवृत्ति की राह आसान हुई। यह एक
छोटे से दस्तावेज सुधार का मामला जरूर है, लेकिन
इसके पीछे शिक्षा और वित्तीय सुविधा से जुड़ा बड़ा प्रभाव दिखाई देता है।
सेवा सेतु-तकनीक से सुविधा,
सुविधा से विश्वास
सेवा सेतु के माध्यम से छत्तीसगढ़ में
डिजिटल तकनीक को नागरिक सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एक मंच पर 900
से अधिक सेवाओं की उपलब्धता, ऑनलाइन आवेदन और
ट्रैकिंग, डिजिटल प्रमाण पत्र, क्यूआर
आधारित सत्यापन तथा गांवों तक सेवाओं के विस्तार से सेवा वितरण की प्रक्रिया को
अधिक सरल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सेवा सेतु की मूल भावना यही हैकृसेवा
के लिए नागरिक को शासन तक पहुंचने की जरूरत कम हो और शासन स्वयं सेवा लेकर नागरिक
के करीब पहुंचे। तकनीक के माध्यम से सेवा प्रक्रिया को सरल,
पारदर्शी और सुलभ बनाते हुए यह पहल छत्तीसगढ़ में नागरिक-केंद्रित
सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन रही है।