रायपुर/आरंग। ग्राम बनचरौदा के पास महानदी तट पर हुए शासकीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर के अंधे कत्ल की गुत्थी को आरंग पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की टीम ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पैसों के लेन-देन और ब्याज के विवाद में शिक्षक की निर्मम हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसी के स्कूल में पदस्थ उसका साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा निकला।
17 सितंबर
को बनचरौदा के पास महानदी के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच
गया था। मृतक की पहचान ग्राम रामपुर डंगनिया (चंपारण) निवासी शिवकुमार चंद्राकर (46
वर्ष) के रूप में हुई, जो ग्राम कुम्हारी
स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे। वे किसान नेता रूपन चंद्राकर के भतीजे थे।
मृतक के सिर और चेहरे पर किसी भारी
वस्तु व धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या की गई थी। घटनास्थल के पास ही
उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर ग्रामीण
एएसपी अभिषेक कुमार झा, सीएसपी लंबोदर पटेल
और आरंग थाना प्रभारी नरेश कुमार साहू फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड के साथ तुरंत
मौके पर पहुंचे और साक्ष्य एकत्र किए।
सीसीटीवी फुटेज और VSK
ऐप की लॉग रिपोर्ट ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस की शक की सुई
मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा की ओर घूमी। चरवाहे और स्थानीय ग्रामीणों
ने बताया कि घटना वाले दिन शिवकुमार को अंतिम बार चंद्रप्रकाश की सफेद रंग की
स्कूटी पर जाते देखा गया था। पुलिस ने जब कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा
विभाग के VSK ऐपकी लॉग रिपोर्ट का
विश्लेषण किया, तो पूरा मामला साफ हो गया।
17 सितंबर की सुबह 9:35
बजे चंद्रप्रकाश स्कूल आया और निजी काम का बहाना बनाकर मोबाइल की
लोकेशन ऑफ करके तुरंत बाहर निकल गया। दोपहर 12:50 बजे आरोपी
स्कूल लौटा। पकड़े जाने के डर से उसने अपने फोन से लॉग इन न करके यह बहाना बनाया
कि उसका फोन घर पर छूट गया है और दूसरे शिक्षक के फोन से अपनी उपस्थिति (Log-in)
दर्ज कराई। ऐप की लॉग रिपोर्ट ने उसके इस झूठ को पकड़ लिया।
30 लाख की उधारी और 3
महीने का बकाया ब्याज बना हत्या का कारण
18 सितंबर को जब पुलिस ने
संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और
मृतक पिछले 4 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे तथा साथ में
रेत, रियल एस्टेट और बुलियन (शेयर/ट्रेडिंग) मार्केट में निवेश
करते थे। इस कारोबार के सिलसिले में आरोपी ने शिवकुमार को लगभग 30 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके बदले में शिवकुमार ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक’ के 3 ब्लैंक चेक दिए थे।
ब्याज न देने पर विवाद, आक्रोश
में आकर आरोपी ने बनाया हत्या का प्लान
आरोपी हर महीने ब्याज लेता था,
लेकिन पिछले 3 महीनों से मृतक ब्याज नहीं दे
रहा था और मांगने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देता था। 17 सितंबर की सुबह करीब 10:00 बजे दोनों कुम्हारी स्कूल
के पास मिले और विवाद करते-करते बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। वहां विवाद
बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार और हथौड़े से
शिवकुमार के सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य बरामद,
आरोपी भेजा गया जेल
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस
ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार
हथियार, हथौड़ा, मृतक के 3 ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों
के मोबाइल और आरोपी के खून से सने कपड़े, जूते व मोजे जब्त
कर लिए हैं। आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/2026,
धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे
गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।