September 08, 2026


हर घर नल से बदली धनौली की तस्वीर, जल जीवन मिशन बना खुशहाल जीवन की नई पहचान

जिले के दूरस्थ ग्राम धनौली में ‘हर घर जल’ योजना ने पहुंचाई स्वच्छ पेयजल की सुविधा, ग्रामीणों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

रायपुर : जिले के विकासखण्ड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता का आश्रित ग्राम धनौली आज जल जीवन मिशन की सफलता और जनभागीदारी की मिसाल बनकर उभरा है। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में लंबे समय तक ग्रामीणों को पेयजल के लिए कुएं, हैंडपंप और अन्य दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था।

गर्मियों के दिनों में जलस्रोत सूखने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती थी। ऐसे समय में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जलयोजना ने धनौली की तस्वीर बदलने का काम किया है। आज गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी के लिए होने वाली भागदौड़ काफी हद तक समाप्त हो गई है।

कभी पानी के लिए लंबी जद्दोजहद, अब घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ जल

लगभग 350 की आबादी और 60 परिवारों वाले धनौली गांव में पहले पेयजल की सुविधा सहज उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप या दूर स्थित अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के मौसम में जलस्रोतों के सूख जाने से स्थिति गंभीर हो जाती थी। पानी की कमी के साथ उसकी गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी, जिसका असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ता था।

जल जीवन मिशन के तहत इस समस्या को दूर करने के लिए गांव में व्यवस्थित जलापूर्ति की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया। पाइपलाइन बिछाई गई, ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया और प्रत्येक घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी शुरू की गई, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हुई।

योजना के साथ जनभागीदारी ने लिखी बदलाव की नई कहानी

धनौली में बदलाव केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इसे स्थायी सफलता में बदलने का काम किया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता को चयनित कर पंचायत प्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया।

ग्रामीणों ने पाइप लाइन बिछाने और जल व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग दिया। इसके साथ ही उन्हें जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छ जल के उपयोग और जल बचाने के प्रति जागरूक किया गया। गांव में यह समझ विकसित हुई कि नल से पानी मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उपलब्ध जल स्रोत और पूरी जलापूर्ति व्यवस्था का संरक्षण करना भी है। यही सामुदायिक सहभागिता धनौली की सफलता की महत्वपूर्ण वजह बनी।

नल से सिर्फ पानी नहीं, स्वास्थ्य और खुशियों की पहुंच

आज धनौली में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। जल जनित बीमारियों में कमी, पानी लाने में लगने वाले समय की बचत और घरों में स्वच्छता के प्रति बढ़ी जागरूकता इसका प्रमुख परिणाम है।

विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। पहले उन्हें पानी की व्यवस्था के लिए काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था, लेकिन अब घर पर नल से पानी मिलने के कारण यह समय बच रहा है। बच्चों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। पानी लाने में लगने वाला समय कम होने से वे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय दे पा रहे हैं। 

घरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इस तरह हर घर जलने धनौली में केवल पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिलाओं की सुविधा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।

धनौली बना दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा

धनौली की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजना का प्रभाव तब और व्यापक हो जाता है, जब उसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ-साथ जल संरक्षण और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी को भी समझा है।

आज धनौली में हर घर जलका सपना साकार हो चुका है। जो गांव कभी गर्मियों में पानी की कमी से जूझता था, वहां अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। यह बदलाव ग्रामीण जीवन में सुविधा के साथ आत्मविश्वास भी लेकर आया है। ग्राम पंचायत बरौता की यह उपलब्धि आसपास के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।


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