रायपुर : छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मातृशक्ति के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति आदर की परंपरा से जुड़ी हुई है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की आस्था से लेकर माता कौशल्या की धरती तक, छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति सदैव सामाजिक जीवन के केंद्र में रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाना इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली
सरकार के 30 माह के कार्यकाल में महिलाओं के
आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई
है। योजना के अंतर्गत प्रदेश की करीब 68 लाख विवाहित महिलाओं
को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की
जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ परिवार के
आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी का अवसर मिल रहा है।
रक्षाबंधन से पहले बहनों को आर्थिक
संबल
रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि का अंतरण किया। 25
अगस्त को बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में करीब 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये
की राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की
मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहारों को पूरे उत्साह एवं
सम्मान के साथ मना सकें। रक्षाबंधन से पहले खातों में पहुंची यह राशि महिलाओं के
लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों में सरकार की सहभागिता का संदेश भी लेकर
आई।
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम
में दिखा आत्मीयता और सम्मान का भाव
विगत दिनों रक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों,
दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने
केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों
पर रक्षा सूत्र बांधे। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का
भाव दिखाई दिया। कार्यक्रम का भावुक क्षण उस समय आया, जब
वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़
में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी
श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी।
प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और
विश्वास का सबसे बड़ा उपहार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा
कि राखी का यह धागा भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व
का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के
लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने राष्ट्र और
प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास
का सबसे बड़ा उपहार है। सरकार का प्रयास है कि नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का
सुहाग न उजड़े, किसी मां को अपना बेटा न खोना पड़े और
किसी बहन को अपने भाई की सुरक्षा की चिंता न सताए।
महिला स्व-सहायता समूहों से बढ़ा
आत्मनिर्भरता का दायरा
राज्य में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से
अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी
हुई हैं। लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के स्थायी
साधनों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इससे
महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी
भागीदारी भी बढ़ी है। महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न
उत्पादों का निर्माण एवं विपणन कर रही हैं। इससे उन्हें आय के अवसर प्राप्त हो रहे
हैं और वे परिवार के साथ-साथ गांव के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
प्रदेशभर से मिला मुख्यमंत्री को
बहनों का स्नेह
महतारी वंदन योजना की राशि रक्षाबंधन से पहले प्राप्त
होने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
के प्रति आभार व्यक्त किया। सुकमा से कोरिया और राजनांदगांव से रायगढ़ तक प्रदेश के
विभिन्न अंचलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह और विश्वास व्यक्त करते
हुए उन्हें बड़े भाई के रूप में सम्मान दिया। महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना
से उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिल रही है। आर्थिक सहायता
ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है और परिवार की आवश्यकताओं के लिए उन्हें अधिक सक्षम
बनाया है।
राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की नारी
शक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में आगे
बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महतारी वंदन योजना, महिला
स्व-सहायता समूहों और लखपति दीदी जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति को
आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। रक्षाबंधन
के अवसर पर बहनों के खातों में पहुंची सहायता राशि ने इस विश्वास को और मजबूत किया
है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन
के लिए प्रतिबद्ध है।