रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत आज रायपुर स्थित अशोका पाम मीडोज सोसाइटी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक लोगों से पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में
श्री राजेश मूणत, श्री अनुज शर्मा,
श्री राजीव अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित
रहे। सभी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री
राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ
के नाम’ केवल वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा जन-अभियान
है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस अभियान के माध्यम से देशवासियों को
अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ लगाने का भावनात्मक और पर्यावरणीय संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि आज बढ़ते शहरीकरण और
बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच वृक्षों का महत्व और भी बढ़ गया है। पेड़
हमें केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि
जल संरक्षण, मिट्टी के संरक्षण, तापमान
को संतुलित रखने और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते
हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि एक पेड़
लगाना प्रकृति को दिया गया हमारा छोटा-सा योगदान है, लेकिन
जब यही संकल्प करोड़ों लोगों का बन जाता है तो इसका प्रभाव बहुत व्यापक होता है।
हमें अपने घर, मोहल्ले, गांव और शहर
में अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी
निभानी चाहिए।
हरियाली
बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि
केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी नियमित
देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों,
सामाजिक संगठनों, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं
से अभियान से जुड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक
पौधा आने वाले वर्षों में छांव, स्वच्छ
हवा और बेहतर पर्यावरण का आधार बनेगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के
महत्वपूर्ण अवसरों को पौधरोपण से जोड़ना चाहिए।
प्रकृति
संरक्षण के साथ पर्यटन विकास को भी मिलेगा लाभ
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री
अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां के घने वन,
नदियां, जलप्रपात, पहाड़
और जैव विविधता पर्यटन की बड़ी ताकत हैं। पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास
एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि प्रकृति को संरक्षित
रखते हुए पर्यटन स्थलों का विकास करना राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है। हरित
और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने से पर्यटकों को बेहतर प्राकृतिक अनुभव मिलेगा
और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।
जनभागीदारी
से बनेगा हरित और स्वस्थ छत्तीसगढ़
कार्यक्रम में उपस्थित
जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल
करने का संकल्प लिया।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि
आइए, अपनी मां की स्मृति और सम्मान में एक
पेड़ लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए
हरा-भरा एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करें। प्रकृति सुरक्षित होगी, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील
की।