रायपुर : रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पवित्र पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं भाई भी बहनों की खुशियों और सम्मान की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार ने रक्षाबंधन के इस पावन अवसर से पहले प्रदेश की लाखों बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की किश्त अंतरित कर उनके त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।
रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि
पहुंचने से महासमुन्द जिले की बहनों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आंवराडबरी की श्रीमती भुनेश्वरी साहू, कोमाखान
की श्रीमती रोशनी कंवर और ग्राम मामा-भांचा की श्रीमती कुमारी बाई साहू सहित जिले
की हजारों महिलाओं के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की राशि पहुंची है।
त्योहार से ठीक पहले मिली इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को
और आसान बना दिया है।
‘विष्णु भैया’ ने बहनों की खुशियों का रखा ध्यान
आंवराडबरी की श्रीमती भुनेश्वरी साहू
ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से
उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी
और मिठाई खरीदेंगी। उनके लिए यह केवल आर्थिक सहायता नहीं,
बल्कि त्योहार के अवसर पर भाई के समान सरकार की ओर से मिला स्नेह और
सहयोग है।
ग्राम मामा-भांचा की श्रीमती कुमारी
बाई साहू ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को अपने छोटे-छोटे जरूरी खर्चों
के लिए सहारा मिला है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले राशि मिलने से इस
बार त्योहार की खुशी और बढ़ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को
धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश की बहनों की भावनाओं और जरूरतों को समझते
हुए त्योहार से पहले ही राशि उपलब्ध कराई है।
इसी तरह कोमाखान की श्रीमती रोशनी
कंवर ने कहा कि महतारी वंदन की राशि उनके लिए ‘विष्णु
भैया’ के स्नेह और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की खुशी अलग ही होती है और त्योहार से
पहले खाते में राशि आने से घर की जरूरतों के साथ-साथ त्योहार की तैयारियां भी
आसानी से की जा सकेंगी।
आर्थिक
संबल से बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना के माध्यम से
महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे महिलाओं को घरेलू
जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की
आवश्यकताओं और छोटे-बड़े व्यक्तिगत खर्चों में सहयोग मिल रहा है। योजना ने महिलाओं
में आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को भी मजबूत किया है।
रक्षाबंधन से पहले मिली किश्त ने इस
योजना के भावनात्मक पक्ष को भी उजागर किया है। बहनों के लिए यह राशि केवल बैंक
खाते में आई रकम नहीं, बल्कि उनके प्रति
सरकार के विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश है। यही
वजह है कि जिले के गांवों और शहरों में महिलाएं इस पहल को लेकर खुशी जाहिर कर रही
हैं।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब बहनें
अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की राखी बांधेंगी,
तब उनके मन में सरकार के प्रति भी यह भाव रहेगा कि ‘विष्णु भैया’ की सरकार बहनों के सुख-दुख और जरूरतों
के साथ खड़ी है। त्योहार से पहले मिली इस सौगात ने महासमुन्द जिले की हजारों बहनों
के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और रक्षाबंधन की खुशियों को और भी खास बना दिया है।