रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा
गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य
सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर
स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव
राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु
माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी
तुलसीदास जी का संदेश - ‘पराधीन
सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास
जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष
हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की
निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण
किया।
बस्तर में शांति के साथ
विकास का नया सूर्याेदय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री
अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से
मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा
रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां
आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा
कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है।
जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं
बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का
स्वर्णिम समय है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर
मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं
और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित
करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का
लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ
करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और
जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर
अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की
स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख
परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप
अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क,
बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद
तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को
ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी
बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा
संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही
है।
अन्नदाता की समृद्धि
हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता
हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान
तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़
के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण
को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन,
मक्का, कोदो, कुटकी और
रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का
निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की
उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028
पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
सिंचाई विस्तार के लिए 11
हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व
प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे
बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग
परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की
प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11
हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।
अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद
पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2
हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे,
जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई
सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए
कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा
पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।
हर परिवार के पक्के घर
का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार
को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की
पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600
घर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73
लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण से
परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक
रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444
करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13
लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति
दीदी’ बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन
योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक
पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691
जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम
उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण
में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों
के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी
क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार से
नवाचार तक खुल रहे नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी
विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के
निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार,
शिक्षा, कौशल, खेल और
नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता
सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के
पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी
चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित
साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7
हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946
पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर
भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी
परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव
एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा
पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक
और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का
निर्णय भी लिया गया है।
एआई मिशन से भविष्य की
अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार
ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके
अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर
ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की
जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण
दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया
गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा
रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और
नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी,
जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच
मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा
आगे बढ़ने का पूरा अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके
लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल
उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल
खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद
पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का
निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए
शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल
मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।
निवेश और रोजगार का नया
केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक
नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा
रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8
लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74
हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली
गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से
अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड
का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक
क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा
जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में
देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर,
नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का
गठन किया गया है।
ऊर्जा,
सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई
गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की
ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण
और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है।
एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़
रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री
बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख
से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया
गया है।
प्रदेश के 90
हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर
मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना,
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद
इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति
देंगे।
‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा
है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर
स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के
माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से
जोड़ने का लक्ष्य है।
सुशासन में तकनीक से बढ़ी
पारदर्शिता और नागरिक सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है।
पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम
हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार
से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु
पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक
सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की
स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और
ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524
ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा
केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं
उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में
‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर
छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं
का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।