रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव दुर्ग में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में देश की एकता और अखंडता के लिए सभी से सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भी भाषा, जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें होती हैं। ऐसी ताकतों से देशवासियों को सावधान रहना होगा।
श्री साव ने कहा कि 14
अगस्त 1947 का विभाजन केवल जमीन का बंटवारा
नहीं था। यह करोड़ों दिलों, सपनों और रिश्तों के बिखरने की
दर्दनाक घटना थी। विभाजन के दौरान लाखों लोगों की जान गई और करोड़ों परिवारों को
अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। अनेक लोगों ने अपने माता-पिता, भाई-बहन और प्रियजनों को खोया। लाखों परिवारों को विस्थापन का दर्द झेलना
पड़ा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि
स्वतंत्रता हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। विभाजन ने उस संघर्ष
को गहरा दर्द दिया। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने इतिहास से सीख नहीं लेता,
उसे भविष्य में बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
दुर्ग नगर निगम सभागार में आयोजित
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री
नरेंद्र मोदी ने विभाजन के दर्द को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए विभाजन
विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का आह्वान किया है। इसका उद्देश्य इतिहास को याद रखना
और भविष्य में देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना है। हमें राष्ट्र की एकता,
अखंडता और सामाजिक समरसता को हर परिस्थिति में मजबूत रखना है।
राज्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण
के उपाध्यक्ष तथा विधायक श्री ललित चंद्राकर, महापौर
श्रीमती अलका बघमार, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती
बंजारे, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री सुरेंद्र कौशिक, श्री जितेंद्र वर्मा और श्री
दिलीप साहू सहित अनेक प्रबुद्ध जन एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।