रायपुर : बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026' का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने
कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां
पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के
माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद
समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत
किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल
प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले
के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन
और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत
तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर
राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी
आन, बान और शान से लहराएगा।
उन्होंने कहा कि जनवरी 2024
से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय
पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90
से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली
बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का
मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।
शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के
अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में
स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज
को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों
में काला झंडा लगाया जाए, आज हर
घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य
साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ
गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग
दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं।
गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा
कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास
कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज
के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं
विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी
करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक श्री
केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों
से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी
एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों
ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में
आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से
गुजरेगी।
आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से
शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव,
धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार,
बोदली, सातधार, बारसुर
होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के
विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली,
उसूर, गलगम, नंबी,
ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।
इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष
श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष
नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल,
जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया श्रीमती संध्या पवार सहित अन्य
जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री
बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एसपी श्री संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ
सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।