सरगुजा : नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहा आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह देवघर, वासुकीनाथ, पुरी और रांची जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं शहरों में छिपता फिरा और अपना मोबाइल बंद रखकर 10 दिनों तक पुलिस को चकमा देता रहा. हालांकि, सरगुजा पुलिस की निरंतर तकनीकी निगरानी और सटीक रणनीति के आगे उसकी चालाकी काम न आ सकी. अंततः बिहार पुलिस के सहयोग से आरोपी को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपी
पर धाराएं और इनाम की घोषणा
पुलिस के अनुसार,
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1)
तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत आरोपी तरुण कुमार जायसवाल (51 वर्ष), निवासी ग्राम भफौली, थाना कोतवाली अंबिकापुर की तलाश
की जा रही थी. 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को
अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए
डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के
नेतृत्व में दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था. साथ ही, आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी
घोषित किया गया था.
राहगीरों
के फोन से संपर्क और बैंक खाता फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली
कि आरोपी अपनी लोकेशन छिपाने के उद्देश्य से अपना मोबाइल फोन लगातार बंद रखता था.
आवश्यकता पड़ने पर वह राहगीरों से मोबाइल मांगकर अपने परिचितों से बात करता था,
जिससे पुलिस उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस न कर पाए. इस पर पुलिस ने
त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के बैंक खाते फ्रीज करवाए, उसके
वाहन की ट्रैवल हिस्ट्री निकाली और उससे जुड़े संदिग्ध मोबाइल नंबरों का गहन
तकनीकी विश्लेषण किया.
धार्मिक
स्थलों में फरारी के बाद पटना में मिला सुराग
विशेष पुलिस टीम पिछले 10
दिनों से लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी. तकनीकी इनपुट और
मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस की टीम देवघर, वासुकीनाथ, पुरी और रांची तक पहुंची. आरोपी हर बार
ठिकाना बदलकर चकमा देने का प्रयास करता रहा, लेकिन आखिरकार
उसकी लोकेशन पटना (बिहार) में ट्रेस हो गई.
पटना
से ट्रांजिट रिमांड और अंबिकापुर रवानगी
सरगुजा पुलिस ने पटना पुलिस के साथ
बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया. इसके पश्चात उसे पटना
न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया. अब आरोपी को अंबिकापुर लाया
जा रहा है, जहां उससे आगे की गहन
पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शस्त्र
लाइसेंस निरस्त और लाइसेंसी बंदूक जब्त
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के
नाम पर 12 बोर डीबीबीएल की एक
लाइसेंसी बंदूक पंजीकृत थी. इस मामले के सामने आने के बाद उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त
कर दिया गया और पुलिस ने उसके घर से 12 बोर डीबीबीएल बंदूक
तथा लाइसेंस जब्त कर लिया है.
पुलिस
की आगामी कानूनी कार्रवाई
नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल ने
जानकारी दी कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा.
यदि जांच के दौरान अन्य नए तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं,
तो उनके आधार पर भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.