रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने
कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की
समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप बस्तर आज व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
दशकों तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाला यह क्षेत्र अब
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क,
आजीविका, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी
से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को स्थायी बनाते हुए बस्तर
को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने
राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़
की यूरिया परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी का किया अनुरोध
मुख्यमंत्री श्री
विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग ₹10,500 करोड़
की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार
के स्तर की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना
के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उर्वरक
की उपलब्धता और बेहतर होगी। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक निवेश,
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी
नई गति मिलेगी।
461 गांवों को स्थायी
विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए मांगी विशेष सहायता
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर सहित
संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों
का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में
सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और
वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए
केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी विद्युत
आपूर्ति से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और लघु उद्यमों के विस्तार को गति
मिलेगी तथा दूरस्थ अंचलों में विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।
रायपुर अथवा बस्तर में
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना
का किया अनुरोध
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट
ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के
प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं
पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान
की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा
और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित
होंगी।
5,542 गांवों तक पहुंच
रहा विकास, लगभग 39 लाख लोगों को लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री
के समक्ष ‘बस्तर विजन’ की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला
नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में शासन
की योजनाओं और सेवाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राशन,
आयुष्मान भारत, जनधन खाते, वनाधिकार, प्रधानमंत्री आवास सहित केंद्र और राज्य
सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर
दिया जा रहा है। दूरस्थ और पूर्व में अत्यधिक संवेदनशील रहे गांवों में प्रशासन की
पहुंच बढ़ने से शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
421 बंद स्कूल फिर
खुले, ओरछा और जगरगुंडा में बनेंगी एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री श्री साय ने
प्रधानमंत्री को बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए
बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421
स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। जिन गांवों में कभी बच्चों के
लिए नियमित शिक्षा तक पहुंच बड़ी चुनौती थी, वहां अब स्कूलों
में फिर से पढ़ाई शुरू हुई है।
उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा की तर्ज
पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार
कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधाएं और
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ
बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक
लोगों की स्वास्थ्य जांच
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य
सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मुख्यमंत्री
स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुरूप
उन्हें चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में चिकित्सा
अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी
चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से क्षेत्र
में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार
नए मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दिशा में भी तेजी से
आगे बढ़ रही है।
सड़क,
रेल, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही बस्तर
की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बस्तर के स्थायी विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टि से
सड़क, रेल, बिजली और
हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य आगे बढ़ रहा
है। इस रेल संपर्क से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जगदलपुर
से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति तथा इंद्रावती नदी पर
प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि
बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार
हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे
क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन
ब्रांड बनाने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की
अनूठी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन
संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के
रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकोट और
तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय
पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता से स्थापित करने के लिए अधोसंरचना एवं सुविधाओं का
विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास उसकी
विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के संरक्षण के साथ किया जा रहा है,
ताकि विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और रोजगार एवं
आजीविका के नए अवसर सृजित हों।
बस्तर ओलंपिक में 4
लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने दिया बदलाव का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं
की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।
खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है और
शांति, विश्वास तथा सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की
नई पहचान खेल, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, उद्यमिता और
विकास से निर्मित हो रही है।
छत्तीसगढ़ को मिले लगभग
₹8 लाख करोड़ के निवेश
प्रस्ताव
मुख्यमंत्री श्री साय ने
प्रधानमंत्री को राज्य में तेजी से बदल रहे औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग ₹8 लाख करोड़ के
निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अनेक परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की
प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में
औद्योगिक विकास को परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर भविष्य की अर्थव्यवस्था से
जुड़े क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर
पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल
डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट,
चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेशों से
राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर
रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी निर्मित होंगे।
निवेश अनुकूल वातावरण
में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और
भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट
फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में
छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’
की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने उद्योगों और उद्यमियों के लिए
जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और
समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी आधार प्रदान किया है। इससे निवेशकों को निश्चितता,
पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित व्यवस्था मिल रही है।
10.42 लाख महिलाएं
बनीं लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं
को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला
सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि
छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया
है। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से
आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2027
में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी
सम्मेलन’ की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र
मोदी को इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
₹500 करोड़ के राज्य एआई
मिशन से तकनीक आधारित सुशासन की ओर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
छत्तीसगढ़ ₹500 करोड़ के राज्य एआई
मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे
बढ़ रहा है। शासन की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और
नागरिक केंद्रित बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर
कार्य किया जा रहा है।
वित्तीय अनुशासन के साथ
जनकल्याण, राजस्व
वृद्धि में छत्तीसगढ़ का मजबूत प्रदर्शन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को राज्य की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति और राजस्व
वृद्धि से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और
जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में
उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य में जीएसटी राजस्व में 18
प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं खनिज राजस्व
में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खनिज क्षेत्र में नई संभावनाओं का उल्लेख
करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की
नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
तकनीक और पारदर्शिता से
नागरिक-केंद्रित सुशासन को नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
राज्य सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी
और नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में निरंतर सुधार कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल
के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं
को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी
सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और लाखों आवेदनों
का समयबद्ध निराकरण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी निगरानी
की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व
प्रशासन में व्यापक डिजिटल सुधार करते हुए रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की
व्यवस्था लागू की गई है। आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री
की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा कि
इन सुधारों का मूल उद्देश्य शासन को नागरिकों के और निकट लाना तथा सरकारी सेवाओं
को अधिक सहज, पारदर्शी और जवाबदेह
बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री
नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में
विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित
भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी
प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के
समग्र कायाकल्प से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े राज्य के इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को
केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का
संकल्प है कि विकास की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक
पहुंचे तथा कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ को शांति,
समृद्धि और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।