रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त पहल से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से जिले के हजारों परिवार बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर न केवल घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए
विद्युत विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पात्र
हितग्राहियों को योजना की जानकारी देने, आवेदन
प्रक्रिया को सरल बनाने तथा समयबद्ध ढंग से सोलर संयंत्र स्थापित कराने के लिए
लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
लक्ष्य से अधिक आवेदन,
तेजी से बढ़ रहा सौर ऊर्जा का दायरा
24 जुलाई 2026 तक की प्रगति के अनुसार जिले में वर्ष 2025-26 के
लिए 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य
निर्धारित किया गया था। योजना के प्रति लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से
लगाया जा सकता है कि लक्ष्य के विरुद्ध 3,303 आवेदन प्राप्त
हुए। इनमें से 3,185 आवेदनों में वेंडरों का चयन किया जा
चुका है तथा 1,441 घरों में सफलतापूर्वक रूफटॉप सोलर संयंत्र
स्थापित किए जा चुके हैं।
अंबिकापुर शहरी क्षेत्र में 1,000
के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए,
जिनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित
किए गए तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके
हैं। वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के
मुकाबले 1,282 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें
1,200 वेंडरों का चयन किया गया तथा 305 घरों में संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
बिजली उपभोक्ता से
ऊर्जादाता बने विनोद कुमार राय
अंबिकापुर के राजेंद्र प्रसाद वार्ड,
दर्रीपारा निवासी श्री विनोद कुमार राय प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त
बिजली योजना के सफल हितग्राहियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर
का मासिक बिजली बिल कई बार 4 से 5 हजार
रुपये तक पहुंच जाता था, जिससे परिवार के बजट पर अतिरिक्त
आर्थिक बोझ पड़ता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने विद्युत विभाग के
मार्गदर्शन में आवेदन कर अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया।
1.08 लाख रुपये की
सब्सिडी से आसान हुआ सोलर संयंत्र लगाना
श्री राय ने बताया कि सोलर संयंत्र
की स्थापना पर लगभग 2 लाख रुपये की लागत
आई। योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये
तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।
इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की
अनुदान राशि मिलने से सोलर संयंत्र लगाना काफी आसान हो गया।
उन्होंने बताया कि सब्सिडी की राशि
बैंक ऋण में जमा कर दी गई, जिससे
अब लगभग 90 हजार रुपये का ऋण शेष है। इसकी अदायगी 10 वर्षों में मात्र 818 रुपये की मासिक किस्त के
माध्यम से की जा रही है, जो पहले आने वाले बिजली बिल की
तुलना में काफी कम है।
अतिरिक्त बिजली से मिल
रहा आर्थिक लाभ
श्री राय ने बताया कि सोलर संयंत्र
स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। कई बार संयंत्र
से उत्पादित बिजली घरेलू खपत से अधिक होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती
है, जिससे उनका बिजली बिल माइनस में भी
दर्ज होता है। उन्होंने कहा कि पहले वे बिजली विभाग से बिजली खरीदते थे, जबकि अब वे स्वयं बिजली उत्पादन कर विभाग को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं।
इससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर
मिल रहा है।
स्मार्ट मीटर और 'मोर बिजली' ऐप से हो रही ऊर्जा की निगरानी
श्री राय ने बताया कि घर में लगाए गए
स्मार्ट मीटर और 'मोर बिजली' ऐप की सहायता से प्रतिदिन बिजली की खपत पर आसानी से नजर रखी जा सकती है।
इससे परिवार आवश्यकता के अनुसार विद्युत उपकरणों का उपयोग करता है और अनावश्यक
बिजली खपत से बचकर ऊर्जा संरक्षण में भी सहयोग दे रहा है।
लोगों से योजना का लाभ
लेने की अपील
श्री विनोद कुमार राय ने कहा कि
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। 50
प्रतिशत से अधिक सब्सिडी मिलने से अब सोलर संयंत्र स्थापित करना
पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। उन्होंने सभी पात्र परिवारों से इस
योजना का लाभ उठाने और अपने घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर बिजली खर्च
में बचत के साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने इस
जनहितकारी योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।