रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने गुरुवार को कोंडागांव स्थित शिल्पनगरी का दौरा कर शिल्पकारों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के 40 शिल्पियों को आधुनिक टूल किट वितरित किए। इसमें 20 बेलमेटल एवं 20 लौहशिल्प के शिल्पकार शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
श्रीमती राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य
शासन स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक
शिल्प के संरक्षण, संवर्धन तथा शिल्पकारों के समग्र विकास के
लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव की शिल्पकला जिले की विशिष्ट पहचान
है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान
दिलाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि शिल्पकार अपनी
कलाकृतियों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए शबरी एम्पोरियम एक माध्यम है। साथ
ही आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लेकर बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करें,
ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों को
केवल प्रोत्साहन देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें
आधुनिक बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी आवश्यक है।
बोर्ड की अध्यक्ष ने बताया कि
छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पादों की
बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और
प्रभावी विपणन के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए
कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का समावेश करते हुए
शिल्पकारों की आवश्यकताओं के अनुरूप हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएं। नगरपालिका अध्यक्ष
श्री नरपति पटेल ने कहा कि कोंडागांव अपनी समृद्ध पारंपरिक शिल्पकला के कारण
शिल्पनगरी के नाम से प्रसिद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक टूल किट
शिल्पकारों के कार्य को अधिक सुगम, गुणवत्तापूर्ण
और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर श्रीमती
लक्ष्मी ध्रुव, सुश्री सोनामणि पोयाम, श्रीमती
सुषमा खोब्रागड़े, श्री कुलवंत चहल, श्री
जितेन्द्र सुराना, श्री दयाराम पटेल, श्री
नागेश देवांगन एवं हस्त शिल्प कोण्डागांव के सहायक प्रबंधक श्री आर. डी. खूंटे
सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी
एवं बड़ी संख्या में शिल्पकार उपस्थित रहे।