रायपुर : बिलासपुर जिले में छात्र सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। इस सिलसिले में शहर के चेतना भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्रबंधकों को सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
विद्याथियों को सुरक्षित
माहौल देना पुलिस और प्रबंधन की सर्वाेच्च प्राथमिकता
छात्रों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा
एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। सड़क पर आते-जाते समय छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए
यातायात संकेतों का पालन करना, सड़क पार
करते समय ज़ेबरा क्रॉसिंग का उपयोग करना और हमेशा हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग
करना अनिवार्य है। बैठक में यह बात प्रमुखता से दोहराई
गई कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और उन्हें एक सुरक्षित माहौल देना पुलिस और
प्रबंधन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
सुप्रीम
कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य- एएसपी रामगोपाल करियारे
बैठक को संबोधित करते हुए बिलासपुर
जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री रामगोपाल करियारे ने स्पष्ट शब्दों
में कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के मामले में माननीय सर्वाेच्च न्यायालय
(सुप्रीम कोर्ट) की गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि छात्रों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही
बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रैफिक
नियमों और सुरक्षित यातायात के पहलुओं की गहन दी गई जानकारी
यातायात पुलिस द्वारा आयोजित इस
विशेष बैठक में शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को नए कानूनी प्रावधानों,
भारी जुर्माने, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित
यातायात से जुड़े तमाम अहम पहलुओं की गहन जानकारी दी गई। यातायात नियमों के तहत लाल
बत्ती पर रुकें, पीली पर धीमे हों, और
हरी बत्ती होने पर ही सुरक्षित रूप से आगे बढ़ें। सड़क
पार करने से पहले हमेशा दाएं, बाएं, और
फिर दाएं देखें। हमेशा ज़ेबरा क्रॉसिंग का उपयोग करें। पैदल चलते समय फुटपाथ का
प्रयोग करें। चलते समय मोबाइल फोन या ईयरफोन का इस्तेमाल न करें।
बैठक
में दिए गए मुख्य निर्देश
स्कूल-कॉलेजों में आने-जाने वाले
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय नियमों का कड़ाई से पालन
करना अनिवार्य होगा। शिक्षण संस्थानों के भीतर और उनके आसपास के माहौल को नशामुक्त
बनाए रखने के लिए प्रबंधन को ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों को नियमित रूप से ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ
सुरक्षित वाहन चालन (जैसे हेलमेट व सीटबेल्ट का अनिवार्य उपयोग,
ड्राइविंग लाइसेंस होना) के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया
गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय
सेवा योजना (NSS) के जिला
संगठक शितेष जैन, विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के
कार्यक्रम अधिकारियों सहित प्रबंधन समितियों के सदस्य भारी संख्या में उपस्थित
रहे। बैठक के अंत में सभी संस्था प्रमुखों ने पुलिस प्रशासन की इस मुहीम में अपना
पूरा सहयोग देने का दृढ़ संकल्प लिया।