रायपुर : प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध और नाबालिग लड़कियों के अपहरण को लेकर आज विधानसभा में कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने सवाल उठाया। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि इसे रोकने क्या प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला विधायक ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में महिला थाना खोलने की मांग गृहमंत्री से की। विभागीय मंत्री विजय शर्मा ने वर्तमान में 13 महिला थाना संचालित होने की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। वही मंत्री ने महिला अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी सदन को दी।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक उमेश पटेल
ने प्रदेश में पिछले दो वर्षों में हत्या, लूट, अपहरण, हिरासत में मृत्यु, जेल
में मृत्यु को लेकर सवाल पूछा, उप मुख्यमंत्री (गृह) विजय
शर्मा ने बताया कि हत्या, अपहरण सहित गंभीर अपराधों पर
लगातार कार्रवाई की जा रही है. समय-सीमा में चालान प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा
रहे हैं. अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
गृह मंत्री ने बताया कि महिला थाना, साइबर थाना, सामुदायिक पुलिसिंग, जन-चौपाल और त्वरित कानूनी कार्रवाई के माध्यम से कानून-व्यवस्था मजबूत की
गई है. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए “हेलो सिस्टर”
अभियान और “अभिव्यक्ति” मोबाइल
ऐप के जरिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसके साथ संवेदनशील क्षेत्रों में
बीट व्यवस्था, सघन पेट्रोलिंग और सतत निगरानी से अपराध
नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है.
अपहरण के मामलों में हुई वृद्धि
गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा जवाब में उपलब्ध में
कराए गए 1 जुलाई 2024 से 30
जून 2025 और 1 जुलाई 2025
से 30 जून 2026 के
आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश जिलों में पिछले वर्ष की तुलना
में अपहरण के मामलों में स्पष्ट रूप से वृद्धि देखी गई है.
राजधानी रायपुर में सबसे अधिक अपहरण के मामले दर्ज
किए गए हैं. वर्ष 2024-25 में जहाँ 524 मामले थे, वहीं 2025-26 में यह
संख्या बढ़कर 634 हो गई. न्यायधानी बिलासपुर में भी अपहरण के
मामले 331 से बढ़कर 438 हो गए हैं.
वहीं दुर्ग में अपहरण के मामले 229 से बढ़कर 365 हो गए हैं.
हत्या के मामलों में मिला-जुला
रुझान
विभिन्न जिलों में हत्या के मामलों में स्थिरता या
आंशिक कमी/वृद्धि देखी गई है. रायपुर में हत्या के मामलों में मामूली कमी आई है.
संख्या 85 से घटकर 84 हुई
है. बिलासपुर में भी कमी देखी गई है, जहां 59 से घटकर 50 हो गए हैं. वहीं दुर्ग में यहाँ हत्या के
मामले 53 से बढ़कर 60 हो गए हैं.