रायपुर : छत्तीसगढ़ के युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सरगुजा के संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय और भोपाल की प्रतिष्ठित संस्था 'अर्थीफैक्ट्ज आर्टिज़ंज प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल ' के बीच एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) हस्ताक्षरित हुआ है। इस रणनीतिक साझेदारी से न केवल सरगुजा संभाग, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं और स्थानीय शिल्पकारों के लिए प्रगति के नए द्वार खुलेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI
से लैस होंगे स्थानीय उत्पाद
इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय के
छात्र-छात्राओं के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्पियों, कुम्हारों
और पारंपरिक कृषि उत्पादकों को आधुनिक तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय
उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करने, उनकी
ब्रांडिंग करने और ऑनलाइन बेचने के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के
दौरान प्रतिभागियों को कंपनी रजिस्ट्रेशन, डिजिटल कैटलॉगिंग
और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित आधुनिक मॉड्यूल्स से
अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण को सुगम बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों को अध्ययन
सामग्री पूरी तरह निःशुल्क दी जाएगी।
LPO और BPO सेक्टर में वैश्विक रोजगार की तैयारी
पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा,
यह MoU तृतीयक क्षेत्रों (Tertiary
Sectors) में भी युवाओं का भविष्य संवारेगा। छात्र-छात्राओं को लीगल
प्रोसेस आउटसोर्सिंग (LPO), बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO),
सेवा, व्यापार और कॉर्पोरेट व्यवसाय के लिए
विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे देश ही नहीं
बल्कि विदेशों में भी शानदार रोजगार हासिल कर सकें।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.
राजेंद्र लाकपाले की पहल पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद
त्रिपाठी तथा अर्थीफैक्ट्ज आर्टिजंज की डायरेक्टर सुश्री अपर्णा अवस्थी ने इस
समझौते पर मुहर लगाई। यह पहल स्थानीय उत्पादों को एक व्यापक वैश्विक बाजार उपलब्ध
कराने, युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship)
की संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की
दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।