रायपुर। राजधानी रायपुर में गैस एजेंसी के एक सुपरवाइजर से करीब 10 लाख रुपये की लूट का मामला सामने आया है। यह वारदात उस वक्त हुई जब पुलिस कमिश्नर कंट्रोल रूम में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। घटना के बाद पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया है। पूरा मामला यह पूरा मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र के डंगनिया का है।
जानकारी के अनुसार,
गैस एजेंसी का सुपरवाइजर नगदी लेकर जा रहा था, तभी अज्ञात बदमाशों ने उसे निशाना बनाते हुए लाखों रुपये लूट लिए। घटना की
सूचना मिलते ही पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मौके पर पहुंची तथा
जांच शुरू कर दी गई है। लूट की वारदात के बाद पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर है।
आरोपियों की तलाश के लिए शहरभर में नाकेबंदी कराई गई है। वहीं आसपास लगे सीसीटीवी
कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बदमाशों की पहचान
की जा सके।
जानकारी के अनुसार टाटीबंध स्थित
एचपी गैस एजेंसी के सुपरवाइजर श्रवण साहू को एजेंसी संचालक ने अग्रसेन चौक स्थित
एक पार्टी से भुगतान की राशि लेने भेजा था। श्रवण कार से वहां पहुंचे और करीब 10
लाख रुपये लेकर वापस टाटीबंध लौट रहे थे। इसी दौरान एजेंसी को एक
उपभोक्ता ने गैस लीकेज की शिकायत की। संचालक ने श्रवण को ग्राहक का लोकेशन भेजकर
रास्ते में समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
ग्राहक के घर पहुंचते ही बैग छीनकर
भागे लूटेरे
पुलिस के मुताबिक श्रवण डंगनिया
बाजार के पास एक गली में ग्राहक के बताए स्थान पर पहुंचे। कार रोकने के बाद वह
नकदी से भरा बैग लेकर नीचे उतरे ही थे कि बाइक पर सवार तीन युवक उनके पास पहुंचे।
इससे पहले कि श्रवण संभल पाते, बदमाशों
ने उनके हाथ से नोटों से भरा बैग छीना और तेजी से फरार हो गए। पूरी वारदात कुछ ही
सेकंड में हुई, जिससे आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए।
वारदात से पहले रेकी करने की आशंका
जांच अधिकारियों को आशंका है कि
बदमाशों को नकदी ले जाए जाने की पहले से जानकारी थी। जिस सटीक तरीके से आरोपियों
ने श्रवण को निशाना बनाया, उससे
रेकी की आशंका मजबूत हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या किसी ने भुगतान
की जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई थी। अंदरूनी मिलीभगत या किसी कर्मचारी की भूमिका
की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज में मिले सुराग
घटनास्थल और उसके आसपास लगे कई
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के हाथ लगी है। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां
दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी के आधार पर
आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को भी
जांच में लगाया गया है।