रायपुर : बस्तर के सुदूर वनांचलों से डर और उपेक्षा का अंधेरा अब छंटने लगा है, और इसकी गवाह बनी सुकमा की वो तस्वीरें जहां जिले के मुखिया खुद दुर्गम रास्तों की परवाह किए बिना जनता के द्वार पहुंचे रहे हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने कोंटा विकासखंड के धुर नक्सल प्रभावित रहे और पहुंचविहीन गांवों भेज्जी, मैलापुर, दंतेशपुरम, बुर्कलंका, गछनपल्ली, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा का ऐतिहासिक दौरा किया। सालों से मुख्यधारा से कटे इन गांवों के उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों पर जब अधिकारियों का काफिला मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, तो यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मन में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास जगाने का सफर बन गया। आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
चौपाल पर संवाद और 'सुशासन
परिसर'
की सराहना
अधिकारियों ने बुर्कलंका में बन रहे 'सुशासन परिसर' का बारीकी से निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने दुर्गम घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में बने परिसर
की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस बहुद्देशीय परिसर में
एक ही बाउंड्रीवाल के भीतर स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पीडीएस सेंटर और सामुदायिक भवन को समेटा
गया है, जो ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सारी मूलभूत
सुविधाएं देने का बेहतरीन मॉडल है। सुशासन शिविर के दौरान मैलासुर पंचायत में
अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर सरपंच, पटेल, मुखिया और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, सरकारी
योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने का
संकल्प दोहराया।
स्वास्थ्य
और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगातें
प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीणों
की सेहत और बच्चों की शिक्षा पर रहा। कलेक्टर ने संवेदनशील पहल करते हुए भेज्जी
पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई,
जबकि मैलासुर में इसके लिए तत्काल जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए।
गछनपाल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर को मंजूरी दी गई,
ताकि चौबीसों घंटे इलाज की सुविधा मिल सके। शिक्षा की लौ को मजबूत
करने के लिए दंतेषपुरम में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन को बारिश के मौसम से
पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया, साथ ही अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्त
रुख अपनाया गया।
पेयजल,
आजीविका और कृषि को मिला नया जीवन
गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता
लाने के लिए कलेक्टर ने आजीविका के नए द्वार खोले। मैलासुर और दंतेषपुरम के
ग्रामीणों की मांग पर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों का चिन्हाँकन किया
गया और ग्रामीणों को मछली बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। पानी की किल्लत
को दूर करने के लिए दंतेषपुरम में एक नए डैम और तालाब निर्माण की बड़ी स्वीकृति दी
गई, साथ ही क्रेड़ा विभाग को पानी टंकी
बनाने के निर्देश दिए गए। मैलासुर और बोदराजपदर में पेयजल संकट को खत्म करने के
लिए नए हैंडपंप और बोरिंग की तत्काल मंजूरी दी गई। पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश
दिए गए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, वहां बिना देरी किए तत्काल जलापूर्ति शुरू की जाए। और जहाँ काम पूरा नहीं
हुआ है वहां तेजी से कार्य पूरा कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि
दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों में 'सुशासन
परिसर' और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण वाकई
प्रेरणादायी है। कलेक्टर ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद के प्रभाव से
मुक्त हो चुके इन अंतिम छोर के गांवों तक विकास की रफ्तार पहुंचाना है। बारिश से
पहले स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और जल जीवन मिशन से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को पूरी
गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा किया जाएगा, ताकि हर
ग्रामीण तक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके।
सड़कों
से जुड़ेंगे दिल और रास्ते, विकास
की रफ्तार होगी तेज
बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा
रहे पहुंचविहीन रास्तों को अब पक्की सड़कों की मजबूती मिलने जा रही है। कलेक्टर ने
बोदराजपदर, मैलासुर, दंतेशपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका को मुख्य सड़कों
से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजेएसवाई) का तत्काल प्रस्ताव
तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। आरईएस
विभाग द्वारा डब्बाकोंटा में निर्माणाधीन आश्रम का भी मुआयना किया गया। मोटरसाइकिल
के पहियों से शुरू हुआ प्रशासन का यह सफर सुकमा के इन दूरस्थ अंचलों में विकास की
नई इबारत लिख गया है, जो यह साबित करता है कि नक्सलवाद के
खात्मे के बाद अब बस्तर की पहचान बंदूक से नहीं, बल्कि
सुशासन और समृद्धि से हो रही है।
केलक्टर के निरीक्षण के दौरान एसडीएम
कोंटा श्री सुभाष शुक्ला, जनपद
सीईओ श्री सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी श्री मनोज तिर्की,
कार्यपालन अभियंता पीएमजेएसवाई श्री रविंद्र ताती, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री रितिश टंडन, बीएमओ
डॉ. दीपेश चंद्राकर सहित अन्य जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित थे।