रायपुर : प्रदेश में संचालित जनजातीय गरिमा उत्सव-जनभागीदारी अभियान दूरस्थ अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित शिविर अब ग्रामीणों के लिए भरोसे और सहारे का माध्यम बनते जा रहे हैं।
इसी क्रम में बलरामपुर जिला के
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम त्रिशुली निवासी श्रीमती आरती को जनजातीय गरिमा
उत्सव शिविर में श्रम कार्ड प्रदान किया गया। वर्षों से असंगठित क्षेत्र में
मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली आरती आर्थिक तंगी के कारण कई शासकीय
योजनाओं के लाभ से वंचित थीं। श्रम कार्ड नहीं होने के कारण वे श्रमिकों के लिए
संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रही थीं।जब उन्हें गांव में
आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर की जानकारी मिली, तो
वे अपनी समस्या लेकर शिविर पहुंचीं। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने उनकी समस्या को
गंभीरता से सुना और त्वरित प्रक्रिया पूरी कर उन्हें श्रम कार्ड उपलब्ध कराया।
श्रम कार्ड हाथ में मिलते ही श्रीमती
आरती के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। अब उन्हें मातृत्व सहायता,
छात्रवृत्ति, दुर्घटना सहायता सहित विभिन्न
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पहले
छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शिविर में ही उनकी समस्या का समाधान हो गया।
श्रीमती आरती कहती हैं कि यह केवल एक
कार्ड नहीं, बल्कि उनके परिवार के
सुरक्षित भविष्य की उम्मीद है।शासन की इस पहल ने उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि
अब गरीब और जरूरतमंद परिवार भी योजनाओं से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकते हैं।
प्रदेश में संचालित जनजातीय गरिमा
उत्सव शिविरों के माध्यम से दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं की पहुंच
सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि कोई भी पात्र हितग्राही
योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और हर जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की संवेदनशील पहल
का लाभ पहुंचे।