रायपुर : छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार 2026 के शिविर ग्रामीण इलाकों के नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को सीधे, पारदर्शी और बेहद आसान तरीके से मिल रहा है। इसका एक जीवंत और खूबसूरत उदाहरण बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम संजारी में आयोजित सुशासन शिविर में देखने को मिला, जहाँ एक ही परिवार की दो पीढ़ियों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
एक
ही परिवार की दो पीढ़ियों को मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में ग्राम अतरगांव की निवासी
श्रीमती सुनीति देवांगन पहुंची थीं, जो
पिछले कई वर्षों से शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं। वर्ष 2016
में सुनीति की श्रमिक कार्ड (श्रम कार्ड) बना था। इसके माध्यम से
उन्हें अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए कक्षा दूसरी से लेकर 12वीं
तक नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का निरंतर लाभ मिला, जो उनकी
बेटी की शिक्षा को संबल बना । 18 वर्ष पूरे होने पर उन्हें
शासन की नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत वित्तीय सहायता का भी लाभ प्राप्त हुआ।
सास की जागरूकता से बहू
का भी तुरंत बना श्रमिक कार्ड
बेटी के बाद अब बहू को आत्मनिर्भर
बनाने के उद्देश्य से सजग सास सुनीति देवांगन अपनी बहू श्वेता देवांगन को लेकर
सीधे ग्राम संजारी के सुशासन शिविर पहुंचीं। बहू श्वेता ने प्रसन्नता व्यक्त करते
हुए बताया कि आज मैं अपनी सास के साथ सुशासन शिविर में आई थी। मैंने यहाँ श्रमिक
कार्ड के लिए आवेदन किया और बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे,
मौके पर ही तुरंत मेरा श्रमिक कार्ड बनकर तैयार हो गया। सुशासन
तिहार के शिविर में इतनी तेजी से काम होना हमारे लिए बेहद सुखद अनुभव है। हम
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को हृदय से
धन्यवाद देते हैं, जो ग्रामीणों के हित में ऐसी पारदर्शी
व्यवस्था चला रहे हैं।
बिना देरी,
ऑन द स्पॉट काम होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह
सुशासन तिहार 2026
के तहत आयोजित इन विशेष शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ
बिना किसी देरी या बिचौलियों के, मौके पर ही सरकारी दस्तावेज,
प्रमाण पत्र और हितग्राही कार्ड बनाए जा रहे हैं। शासन की इस त्वरित
सेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेह कार्यप्रणाली को देखकर ग्रामीण
अंचलों में भारी उत्साह है और लोग इस सुशासन व्यवस्था की जमकर सराहना कर रहे हैं।