May 12, 2026


मुख्यमंत्री नोनी बाबू योजना से श्रमिक परिवार की बेटियों को मिल रही नई उड़ान, आर्थिक सहयोग से उच्च शिक्षा का सपना हो रहा साकार

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को यह योजना उच्च शिक्षा की राह में संबल प्रदान कर रही है।

बलरामपुर जिले के ग्राम सरनाडीह की निवासी काजल इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं। श्रमिक परिवार से आने वाली सुश्री काजल वर्तमान में बीसीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता कृषि मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता श्रीमती पूनम का श्रम पंजीयन है। सीमित आय और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता दी, लेकिन उच्च शिक्षा का खर्च परिवार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ था।

ऐसे समय में श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना ने काजल के सपनों को नया सहारा दिया। योजना अंतर्गत उन्हें 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिससे शिक्षण शुल्क, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। सुश्री काजल का कहना है कि इस सहायता से उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सकी और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

काजल ने बताया कि उनकी माता गृहणी होने के साथ मजदूरी भी करती हैं और हमेशा बच्चों की शिक्षा को सबसे अधिक महत्व देती रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से परिवार का आर्थिक बोझ कम हुआ और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से प्रदेशभर में श्रमिक परिवारों की हजारों बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। बलरामपुर जिले में भी इस योजना के तहत अब तक 182 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। यह योजना विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान कर रही है।


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