रायपुर : मुख्यमंत्री के सुशासन के संकल्प को अमलीजामा पहनाने के लिए आज बीजापुर जिले की ग्राम पंचायत ईटपाल में “सुशासन तिहार 2026” का भव्य शुभारंभ हुआ। इस शिविर में शासन और जनता के बीच की दूरी मिटती नजर आई, जहां हजारों ग्रामीणों ने न केवल अपनी समस्याएं रखीं, बल्कि मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया। ईटपाल का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सुशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक जीवंत अभियान बन चुका है।
शिविर में ईटपाल सहित आसपास के एक
दर्जन गांवों (कांदुलनार, चिन्नाकवाली,
संतोषपुर, मनकेली आदि) से हजारों ग्रामीण
शामिल हुए। शिविर में प्राप्त 120 से अधिक आवेदनों के त्वरित
निराकरण की प्रक्रिया मौके पर ही शुरू कर दी गई। राजस्व, स्वास्थ्य,
कृषि और महिला एवं बाल विकास सहित लगभग सभी प्रमुख विभागों ने स्टॉल
लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की सरल जानकारी दी।
प्रशासन की संवेदनशीलता
तब दिखी जब पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ सौंपा गया
राजस्व एवं कृषि जाति प्रमाण पत्र,
ऋण पुस्तिका और किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्) का वितरणकिया गया।
इसी प्रकार स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच के साथ
आयुष्मान कार्ड और टीबी मरीजों को पोषक आहार (फूड बॉक्स) प्रदान किए गए। महिला एवं
बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोद भराई जैसे संस्कार संपन्न कराए गए।
मत्स्य विभाग द्वारा जाल एवं आइस बॉक्स और खाद्य विभाग द्वारा नए राशन कार्ड
वितरित किए गए।
जागरूकता और सुशासन का
संदेश
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री
महेश गागड़ा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि यह शिविर जनता और
शासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा हैं। एसडीएम बीजापुर श्री जागेश्वर कौशल
ने विशेष रूप से “नियद नेल्लानार 2.0”
और “बस्तर मुन्ने” जैसे
कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए
प्रेरित किया। ग्राम पंचायत ईटपाल के शिविर में आसपास के गांव कांदुलनार, चिन्नाकवाली, संतोषपुर, मनकेली,
कड़ेनार, पदेड़ा, पेद्दाकोरमा,
धनोरा, बोरजे, मोरमेड़ और
तोयनार से हजारों ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।